
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पूर्वोत्तर भारत के दौरे के दूसरे दिन असम पहुंचे, जहां उन्होंने राज्य को 18 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात दी। यह दौरा न केवल पूर्वोत्तर क्षेत्र की प्रगति के लिए अहम माना जा रहा है, बल्कि इससे असम और आसपास के राज्यों को भी बड़े पैमाने पर लाभ मिलने की उम्मीद है। पीएम मोदी ने इस अवसर पर कहा कि उनकी सरकार का संकल्प है कि पूर्वोत्तर क्षेत्र को ‘भारत के विकास का नया केंद्र’ बनाया जाए।
असम में जिन परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया, उनमें बुनियादी ढांचे से लेकर ऊर्जा, सड़क, रेलवे, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि असम और पूर्वोत्तर का तेजी से विकास, देश के समग्र विकास के लिए आवश्यक है। इन परियोजनाओं से न केवल नई औद्योगिक इकाइयों का मार्ग प्रशस्त होगा, बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में यह भी उल्लेख किया कि उनकी सरकार पिछले 10 वर्षों से पूर्वोत्तर क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सड़क और रेलवे नेटवर्क का विस्तार, नए हवाई अड्डों का निर्माण और डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने जैसी योजनाएं इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने कहा कि 18 हजार करोड़ रुपये की सौगात केवल आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह असम के लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा परिवर्तनकारी कदम है।
प्रधानमंत्री ने असम की जनता को भरोसा दिलाया कि आने वाले वर्षों में केंद्र सरकार और अधिक निवेश करेगी, जिससे यहां के युवाओं को रोजगार और व्यापार के अवसर प्राप्त होंगे। इसके साथ ही उन्होंने राज्य के किसानों और चाय उद्योग का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में भी बड़े सुधार और आधुनिक तकनीक के उपयोग से किसानों की आय दोगुनी करने का प्रयास जारी रहेगा।
पूर्वोत्तर दौरे के दूसरे दिन का यह कार्यक्रम न केवल असम, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर भारत के लिए विकास की नई दिशा तय करने वाला साबित होगा। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि पूर्वोत्तर क्षेत्र देश के विकास में अब ‘फ्रंटियर ऑफ ग्रोथ’ बनेगा और यहां की प्रतिभा, संसाधन और संस्कृति को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी।



