
उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। हर साल लाखों श्रद्धालु बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन के लिए इस यात्रा में शामिल होते हैं। इसी क्रम में परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार और परिवहन विभाग की ओर से बसों की लॉटरी प्रक्रिया अप्रैल में आयोजित की जाएगी। इस लॉटरी के माध्यम से तय किया जाएगा कि कौन-कौन सी बसें चारधाम यात्रा मार्ग पर चलेंगी। इससे यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित सफर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
चारधाम यात्रा आमतौर पर अक्षय तृतीया के दिन से शुरू होती है। परंपरा के अनुसार सबसे पहले गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खोले जाते हैं। इसके कुछ दिनों बाद केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाते हैं। वर्ष 2026 में भी कपाट खुलने की तिथियों को लेकर तीर्थ पुरोहितों और मंदिर समितियों द्वारा तैयारियां की जा रही हैं। संभावित कार्यक्रम के अनुसार यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट अप्रैल के अंत या मई की शुरुआत में खुल सकते हैं, जबकि केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के कपाट उसके कुछ दिनों बाद खोले जाएंगे।
चारधाम यात्रा के दौरान उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में यातायात का दबाव काफी बढ़ जाता है। ऐसे में सरकार बसों की संख्या तय करने और रूट प्लानिंग के लिए लॉटरी प्रणाली अपनाती है। इस प्रक्रिया में प्रदेश के विभिन्न जिलों के बस संचालक भाग लेते हैं। जिन बसों का चयन लॉटरी में होता है, वही बसें यात्रा मार्ग पर यात्रियों को ले जाने की अनुमति प्राप्त करती हैं। इससे यात्रा के दौरान अव्यवस्था और अनियंत्रित वाहनों की समस्या को कम किया जा सकता है।
चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए सरकार कई स्तरों पर काम कर रही है। सड़कों की मरम्मत, पार्किंग व्यवस्था, मेडिकल सुविधाएं और आपदा प्रबंधन को लेकर भी तैयारियां चल रही हैं। इसके अलावा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और ट्रैकिंग सिस्टम को भी और मजबूत किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
हर साल की तरह इस बार भी चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। जैसे-जैसे कपाट खुलने की तिथियां नजदीक आएंगी, वैसे-वैसे यात्रा की तैयारियां और तेज हो जाएंगी और लाखों भक्त हिमालय की गोद में स्थित इन पवित्र धामों के दर्शन के लिए निकल पड़ेंगे।



