
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने एक बार फिर स्थिति को भयावह बना दिया है। ताजा घटनाक्रम में रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर ड्रोन और मिसाइलों से भीषण हमला किया। इस हमले में कई इलाकों में धमाकों की आवाज गूंजी और राजधानी दहल उठी। सबसे बड़ा निशाना कीव की कैबिनेट बिल्डिंग बनी, जहां से तेज़ धुआं उठता देखा गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार इस हमले में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई है और कई घायल हुए हैं।
यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया कि रूस ने एक साथ दर्जनों ड्रोन और मिसाइलें दागीं। एयर डिफेंस सिस्टम ने कई ड्रोन और मिसाइलों को रास्ते में ही नष्ट कर दिया, लेकिन कुछ वार लक्ष्य पर लगे। कीव के कई हिस्सों में बिजली और संचार व्यवस्था बाधित हुई। राजधानी की मुख्य प्रशासनिक इमारतों में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया और लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई।
कैबिनेट बिल्डिंग से उठते धुएं ने हालात को और गंभीर बना दिया। माना जा रहा है कि यह हमला यूक्रेन की सरकारी मशीनरी और फैसले लेने वाले संस्थानों को कमजोर करने के मकसद से किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि रूस, सर्दियों से पहले यूक्रेन की ऊर्जा और प्रशासनिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रहा है, ताकि जनता में असंतोष फैलाया जा सके।
हमले के तुरंत बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने रूस की कार्रवाई की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि मास्को का यह कदम एक बार फिर साबित करता है कि रूस शांति की बजाय युद्ध को और भड़काना चाहता है। ज़ेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे यूक्रेन को और अधिक हथियार, एयर डिफेंस सिस्टम और मानवीय सहायता प्रदान करें।
दूसरी ओर, रूस की ओर से आधिकारिक बयान में कहा गया कि यह हमला “रणनीतिक ठिकानों” पर किया गया। रूस का दावा है कि उसने यूक्रेन के सैन्य और प्रशासनिक ढांचे को निशाना बनाया है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में यह साफ दिखा कि इस हमले में आम नागरिक भी हताहत हुए हैं।
संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ ने इस हमले की आलोचना करते हुए कहा कि नागरिक इलाकों और सरकारी ढांचे पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। अमेरिका और नाटो देशों ने भी रूस पर और कड़े प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है।
इस हमले से एक बात और स्पष्ट हो गई है कि रूस-यूक्रेन युद्ध का अंत अभी दूर है। दोनों देशों के बीच शांति वार्ता की संभावनाएं लगातार धुंधली होती जा रही हैं। जहां रूस आक्रामक रणनीति पर है, वहीं यूक्रेन अपने सहयोगियों के सहारे डटा हुआ है।
कीव पर हुआ यह हमला न केवल युद्ध की भयावहता को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि आने वाले समय में यह संघर्ष और खतरनाक हो सकता है। आम लोगों की जान-माल की हानि बढ़ रही है और विश्व समुदाय के सामने यह एक गंभीर मानवीय संकट के रूप में उभर रहा है।



