
पिछले कुछ दिनों में सुरक्षा जाँच और मीडिया रिपोर्टें यह संकेत दे रही हैं कि पाकिस्तान की खुफिया दुनिया में एक अत्यंत गोपनीय इकाई मौजूद है, जिसे रिपोर्ट्स में “S1” (Subversion-1) कहा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक यह यूनिट इतने छिपे हुए ढंग से काम करती है कि कई बार स्थानीय आतंकवादी समूह भी नहीं जानते कि उनके ट्रेनर और संसाधन कहीं और से प्रबंधित हो रहे हैं। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के दावों में S1 का रोल सीमा पार सक्रियता और आतंकवादी नेटवर्कों को संगठित करने में अहम माना गया है।
विश्लेषकों का कहना है कि S1 जैसी इकाइयों का काम केवल फंडिंग और हथियार सप्लाई तक सीमित नहीं रहता — वे प्रशिक्षण, लॉजिस्टिक्स, और गुहार देने वाले स्थानीय आतंकी घटकों के साथ समन्वय भी करती हैं। इस तरह की रिपोर्टें पिछली खबरे और ऑपरेशन-लेवल कार्रवाइयों से मेल खाती दिखती हैं, जब भारत ने रणनीतिक निशानों पर वायु और जमीन दोनों स्तर पर कार्रवाई करते हुए आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाया। मई 2025 में सरकार द्वारा चलाए गए Operation SINDOOR और उसके जरिये लक्षित कैंपों का हवाला अक्सर इसी संदर्भ में दिया जाता है।



