
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि “सेना और पुलिस का मिशन एक ही है — देश की रक्षा और नागरिकों की सुरक्षा।” उन्होंने कहा कि भारत की सुरक्षा व्यवस्था केवल सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि हर उस क्षेत्र तक फैली है जहां देश की शांति, एकता और अखंडता को चुनौती मिलती है। राजनाथ सिंह ने कहा कि आज जब दुनिया में सुरक्षा चुनौतियों का स्वरूप बदल रहा है, तो भारत को भी अपने सुरक्षा ढांचे को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की सुरक्षा दो स्तंभों पर टिकी है — सेना और पुलिस बल। सेना देश की सीमाओं की रक्षा करती है, जबकि पुलिस आंतरिक सुरक्षा को सुनिश्चित करती है। दोनों का लक्ष्य एक ही है — “भारत को सुरक्षित रखना।” राजनाथ सिंह ने कहा कि चाहे सीमा पर आतंकवाद का खतरा हो या देश के भीतर नक्सलवाद और संगठित अपराध, इनसे निपटने के लिए सेना और पुलिस का तालमेल बेहद जरूरी है।
रक्षा मंत्री ने जवानों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेनाओं में से एक है और हमारी पुलिस भी तकनीकी रूप से आधुनिक हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि जवानों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक हथियार और नवीनतम तकनीक उपलब्ध कराई जाए।
राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने बताया कि सीमा क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास हो रहा है, जिससे सेना की तैनाती और प्रतिक्रिया क्षमता पहले से अधिक मजबूत हुई है।
अपने संबोधन में उन्होंने पुलिस बल को भी संदेश दिया कि वे जनता के प्रति संवेदनशील रहें और देश के भीतर शांति बनाए रखने के अपने मिशन में पूरी निष्ठा के साथ काम करें। राजनाथ सिंह ने कहा कि “देश की सुरक्षा केवल बंदूकों से नहीं, बल्कि अनुशासन, एकजुटता और देशभक्ति की भावना से सुनिश्चित होती है।”
उनका यह बयान देशभर के सुरक्षा बलों के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है, जो इस समय आतंकवाद, साइबर क्राइम और सीमाई तनाव जैसी कई चुनौतियों से जूझ रहे हैं।



