
पूरे देश में इस बार दिवाली 2025 की रौनक अपने चरम पर रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर राज्यों के मुख्यमंत्रियों तक, सभी ने अपने-अपने अंदाज़ में यह पावन पर्व मनाया। प्रधानमंत्री मोदी ने परंपरा को निभाते हुए इस साल भी जवानों के साथ सीमावर्ती क्षेत्र में दिवाली मनाई। उन्होंने भारतीय सेना के जवानों को मिठाइयां खिलाईं और कहा कि “आप सभी के कारण देशवासी चैन की नींद सोते हैं।” पीएम मोदी ने जवानों के साहस और समर्पण को भारत की असली ताकत बताया।
वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में दीपोत्सव कार्यक्रम में भाग लिया, जहां राम मंदिर प्रांगण में लाखों दीये जलाकर एक विश्व रिकॉर्ड बनाया गया। उन्होंने मां सरयू की आरती की और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “रामराज्य के आदर्श पर चलना ही सच्ची दिवाली है।” अयोध्या में इस बार की दिवाली ऐतिहासिक रही, क्योंकि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के भव्य निर्माण के बाद यह पहली दीपावली थी।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए ‘ग्रीन दिवाली’ का संदेश दिया और नागरिकों से अपील की कि वे पटाखों के बजाय दीपक जलाकर खुशियां मनाएं। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अहमदाबाद में विशेष दीपोत्सव कार्यक्रम में भाग लिया और राज्य की जनता को खुशहाली की शुभकामनाएं दीं। वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में काली पूजा के दौरान मां काली की आराधना की और शांति एवं सौहार्द की कामना की।
देश के अन्य हिस्सों में भी मुख्यमंत्रियों ने अपने परिवार और समर्थकों के साथ दिवाली मनाई। राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और असम में सरकारों ने जरूरतमंदों को उपहार और मिठाइयां बांटकर यह संदेश दिया कि दिवाली सिर्फ रोशनी का नहीं बल्कि साझा खुशियों का त्योहार है।
इस बार की दिवाली ने पूरे भारत को एक सूत्र में बांध दिया। राजनीतिक मतभेदों के बीच भी नेताओं ने देश के प्रति एकता, सेवा और समर्पण का भाव प्रदर्शित किया। हर राज्य में दीपों की जगमगाहट ने यह साबित कर दिया कि अंधकार पर प्रकाश की जीत ही भारत की सच्ची पहचान है।



