
शुभो महालया’ के पावन अवसर पर देशभर में श्रद्धा और उल्लास का माहौल देखने को मिला। यह पर्व बंगाल सहित पूरे भारत में विशेष महत्व रखता है, क्योंकि महालया के साथ ही शारदीय नवरात्रि और दुर्गा पूजा की औपचारिक शुरुआत हो जाती है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए सोशल मीडिया पर एक भावपूर्ण संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि “महालया का यह पर्व माँ दुर्गा के आशीर्वाद से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए।” पीएम मोदी ने इसे भारतीय संस्कृति और आस्था की गहराई से जुड़ा पर्व बताते हुए शक्ति की उपासना का प्रतीक कहा।
वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी महालया के अवसर पर राज्यवासियों और पूरे देश को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि “शुभो महालया” हम सभी के लिए माँ दुर्गा की कृपा का प्रतीक है, जो अंधकार से प्रकाश और अन्याय से न्याय की ओर हमें मार्गदर्शन करती हैं। ममता बनर्जी ने कोलकाता और बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को महालया से जोड़ते हुए कहा कि दुर्गा पूजा न केवल धार्मिक आस्था का पर्व है, बल्कि यह हमारी कला, संस्कृति और सामूहिकता का उत्सव भी है।
महालया का दिन विशेष रूप से बंगाल में “महिषासुर मर्दिनी” की भक्ति धुन और स्तोत्रों के साथ आरंभ होता है। अलसुबह लोग रेडियो और टीवी पर इस पौराणिक गाथा को सुनते हैं, जिसमें माँ दुर्गा के अवतरण और महिषासुर पर विजय की कथा सुनाई जाती है। इस परंपरा ने दशकों से लाखों भक्तों के हृदय में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया है।
इस वर्ष महालया का पर्व और भी खास माना जा रहा है क्योंकि यूनेस्को ने दुर्गा पूजा को विश्व धरोहर सूची में शामिल कर इसकी वैश्विक पहचान को और मजबूत किया है। यही कारण है कि इस बार दुर्गा पूजा को लेकर देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में बंगाली प्रवासी समाज और भारत प्रेमियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दोनों के संदेश ने इस पर्व को और भी यादगार बना दिया है। राजनीति से परे हटकर यह अवसर एकता, सद्भाव और भारतीय संस्कृति की महान परंपरा को उजागर करता है। महालया हमें यह संदेश देता है कि जब-जब अन्याय बढ़ेगा, तब-तब धर्म और सत्य की विजय होगी। माँ दुर्गा की पूजा केवल धार्मिक आस्था नहीं बल्कि यह समाज में महिला शक्ति और सामूहिकता का भी प्रतीक है।
इस तरह, ‘शुभो महालया’ न केवल दुर्गा पूजा की शुरुआत का उत्सव है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति की गहराई और हमारी सामूहिक विरासत का प्रतीक भी है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शुभकामना संदेश ने नई ऊर्जा और प्रेरणा भर दी है।



