
दक्षिण अमेरिका के पास स्थित ड्रेक पैसेज क्षेत्र में समुद्र के नीचे आए 7.5 तीव्रता के भूकंप ने आसपास के देशों को हिला दिया। रिक्टर स्केल पर दर्ज इस शक्तिशाली झटके ने न सिर्फ समुद्र को आंदोलित किया बल्कि तटीय इलाकों में दहशत का माहौल भी पैदा कर दिया। भूकंप के तुरंत बाद सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई है, ताकि संभावित खतरे को देखते हुए तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। वैज्ञानिकों का कहना है कि भूकंप का केंद्र समुद्र की गहराई में था, जिसकी वजह से इसका असर दूर-दराज तक महसूस किया गया।
ड्रेक पैसेज, जो अंटार्कटिका और दक्षिण अमेरिका के बीच स्थित है, समुद्री धाराओं और भूगर्भीय हलचलों के लिए संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। यहां आए भूकंप से अर्जेंटीना, चिली और आसपास के द्वीपीय क्षेत्रों में भी हलचल महसूस की गई। कई तटीय शहरों में अलर्ट जारी कर स्थानीय प्रशासन ने आपातकालीन टीमों को तैनात कर दिया है। लोग समुद्र के पास रहने वाले इलाकों को छोड़कर ऊंचे स्थानों की ओर जाने लगे हैं।
भूकंप विज्ञानियों का कहना है कि इस क्षेत्र में प्लेट टेक्टोनिक गतिविधियां लगातार सक्रिय रहती हैं। प्रशांत और अटलांटिक महासागर की प्लेटों के टकराव की वजह से यहां अक्सर भूकंपीय गतिविधियां होती रहती हैं। हालांकि इस बार आए 7.5 तीव्रता के भूकंप को गंभीर माना जा रहा है क्योंकि इसकी वजह से सुनामी की आशंका जताई गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक यदि समुद्र की लहरों की ऊंचाई बढ़ती है तो यह तटीय इलाकों में भारी तबाही मचा सकती है।
सरकार ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं और नागरिकों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। चिली और अर्जेंटीना के समुद्री तटों पर मछली पकड़ने वाली नौकाओं और जहाजों को भी चेतावनी भेज दी गई है। कई जगहों पर समुद्री यातायात को रोक दिया गया है और बंदरगाहों को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि यदि सुनामी आती है तो इसका असर केवल दक्षिण अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि अटलांटिक महासागर के अन्य हिस्सों में भी महसूस किया जा सकता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है। जापान और अमेरिका की भूकंप मॉनिटरिंग एजेंसियां भी इस घटना पर नजर बनाए हुए हैं।
फिलहाल राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। प्रशासन पूरी कोशिश कर रहा है कि किसी भी तरह की जनहानि न हो। लोग दहशत में जरूर हैं, लेकिन सरकारी एजेंसियां लगातार अपील कर रही हैं कि धैर्य बनाए रखें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। यह भूकंप एक बार फिर से यह याद दिलाता है कि प्राकृतिक आपदाओं के सामने मानव कितना असहाय है और हमें हर वक्त आपदा प्रबंधन की तैयारी रखनी चाहिए।



