
फ्रांस की राजधानी पेरिस स्थित मशहूर लूवर म्यूजियम (Louvre Museum) से चोरों ने कीमती आभूषण चुराकर सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। विश्व के सबसे प्रसिद्ध संग्रहालयों में गिने जाने वाले लूवर में हुई इस चोरी की घटना ने प्रशासन को सकते में डाल दिया है। घटना के बाद तत्काल म्यूजियम को बंद कर दिया गया और पुलिस तथा सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, चोरी उस समय हुई जब संग्रहालय में आम पर्यटकों की आवाजाही जारी थी। चोरों ने बेहद चालाकी से निगरानी कैमरों और सुरक्षा कर्मियों को चकमा देते हुए आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि चोरी किए गए आभूषणों की कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। हालांकि, अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों से फिलहाल सटीक आंकड़ा साझा नहीं किया है।
लूवर म्यूजियम अपने कीमती कला संग्रह, पेंटिंग्स और ऐतिहासिक कलाकृतियों के लिए जाना जाता है, जिनमें प्रसिद्ध पेंटिंग मोना लिसा भी शामिल है। ऐसे में इस चोरी ने न केवल म्यूजियम की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हलचल मचा दी है। फ्रांस के गृह मंत्रालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल गठित किया है, जो सीसीटीवी फुटेज और सुरक्षा रिकॉर्ड खंगाल रहा है।
घटना के बाद पर्यटकों को तुरंत बाहर निकाल दिया गया और संग्रहालय को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम सुरक्षा कारणों से उठाया गया है ताकि जांच में किसी प्रकार की बाधा न आए। प्रारंभिक अनुमान है कि चोरी में किसी अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका हो सकती है, क्योंकि चोरों को म्यूजियम के अंदरूनी हिस्सों और सुरक्षा समय-सारणी की पूरी जानकारी थी।
फ्रांसीसी पुलिस ने बताया कि यह मामला केवल एक साधारण चोरी नहीं, बल्कि एक संगठित अपराध हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय अपराध जांच एजेंसी इंटरपोल को भी इस मामले में अलर्ट किया गया है।
लूवर म्यूजियम में हुई यह चोरी इतिहास की सबसे चर्चित घटनाओं में से एक बन गई है। यह घटना बताती है कि दुनिया के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले स्थान भी अपराधियों की पहुंच से पूरी तरह बाहर नहीं हैं।



