
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को सख्त चेतावनी दी है कि अगर दोनों देशों के बीच चल रही ट्रेड डील पर सहमति नहीं बनती, तो अमेरिका 155% तक टैरिफ लगा सकता है। ट्रंप ने यह बयान ऐसे समय में दिया है जब अमेरिका और चीन के बीच व्यापार वार्ता की प्रक्रिया पूरी तरह से तय नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अब केवल बातचीत के लिए समय दे रहा है, लेकिन अगर चीन ने आवश्यक सुधार नहीं किए, तो अमेरिकी कंपनियों और किसानों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
ट्रंप ने बताया कि चीन ने पिछले वर्षों में अमेरिका के साथ व्यापार में अनुचित प्रथाओं का सहारा लिया है, जिससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी उद्योग और रोजगार की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है, और इसी दिशा में वे व्यापारिक नीतियों में सख्ती लाने से नहीं हिचकिचाएंगे। ट्रंप के इस बयान के बाद वैश्विक बाजार में हलचल देखने को मिली है, क्योंकि 155% टैरिफ का असर दोनों देशों की अर्थव्यवस्था पर काफी गहरा हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह कदम लागू होता है, तो चीन से आने वाले आयात महंगे हो जाएंगे, जिससे अमेरिकी बाजार में कीमतों में वृद्धि और आपूर्ति श्रृंखला पर असर पड़ सकता है। वहीं, चीन भी अमेरिका के टैरिफ से प्रभावित होकर अपने निर्यात में बदलाव कर सकता है और अन्य देशों के साथ नए व्यापार समझौते की दिशा में कदम बढ़ा सकता है।
इस स्थिति ने वैश्विक निवेशकों में अनिश्चितता पैदा कर दी है। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका केवल व्यापार संतुलन और न्यायसंगत साझेदारी चाहता है, और यदि चीन ने समय रहते सुधार नहीं किए, तो अमेरिका अपने टैरिफ का स्तर बढ़ा देगा। इस बयान के बाद दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापारिक संबंधों में और तनाव की संभावना बढ़ गई है।
इस प्रकार ट्रंप की चेतावनी ने एक बार फिर अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध की संभावनाओं को बढ़ा दिया है और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता का संकेत दिया है।



