स्कॉटलैंड के दौरे पर पहुंचे अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को वहां सैकड़ों लोगों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। ग्लासगो, एडिनबरा और एबरडीन जैसे प्रमुख शहरों में लोग ट्रंप के आगमन के विरोध में बैनर, पोस्टर और नारों के साथ सड़कों पर उतर आए। यह विरोध केवल एक राजनीतिक व्यक्ति के आने पर नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई गहरे कारण हैं जो स्कॉटलैंड की सामाजिक, राजनीतिक और पर्यावरणीय चिंताओं से जुड़े हुए हैं। ट्रंप, जो इस समय अमेरिकी राजनीति में फिर से सक्रिय हो रहे हैं और 2024 के चुनाव के लिए तैयारी कर रहे हैं, स्कॉटलैंड के निजी दौरे पर हैं, लेकिन यह दौरा पूरी तरह शांतिपूर्ण नहीं रहा।
डोनाल्ड ट्रंप स्कॉटलैंड में अपने दो गोल्फ रिसॉर्ट्स – ट्रंप टर्नबेरी और ट्रंप इंटरनेशनल गोल्फ लिंक – की विज़िट पर आए हैं। ये दोनों प्रॉपर्टीज़ स्कॉटलैंड के पर्यावरण समूहों और स्थानीय निवासियों के बीच विवाद का कारण रहे हैं। लोगों का आरोप है कि इन रिसॉर्ट्स के निर्माण और विस्तार के दौरान पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी की गई, साथ ही स्थानीय समुदाय को कोई लाभ नहीं पहुंचा। पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने ट्रंप के रिसॉर्ट्स को “प्राकृतिक संसाधनों का दोहन” और “स्थानीय भूमि का व्यावसायीकरण” कहकर विरोध किया।
इसके साथ ही स्कॉटलैंड में ट्रंप के राजनीतिक विचारों को लेकर भी विरोध की लहर है। डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका में राष्ट्रपति रहते हुए लिए गए कुछ फैसलों – जैसे मुस्लिम बैन, अप्रवासियों पर कड़े नियम, जलवायु परिवर्तन संधियों से बाहर होना – को लेकर यूरोप के कई देशों में नाराज़गी रही है। स्कॉटलैंड जैसे प्रगतिशील सोच वाले समाज में ट्रंप की दक्षिणपंथी नीतियों को नकारात्मक रूप में देखा जाता है। यही वजह है कि जैसे ही उनके दौरे की खबर फैली, स्थानीय समूहों ने विरोध प्रदर्शन की योजना बना ली।
एडिनबरा में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया, जिनके हाथों में “Trump Not Welcome”, “No Racism in Scotland”, “Climate Criminals Go Home” जैसे पोस्टर थे। प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्वक मार्च निकाला और वहां की संसद के पास इकट्ठा होकर ट्रंप की नीतियों और व्यवहार के खिलाफ नारे लगाए। स्कॉटिश ग्रीन पार्टी के नेताओं ने भी ट्रंप के दौरे की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे व्यक्ति को, जिसकी नीतियां नफरत और विभाजन पर आधारित हैं, स्कॉटलैंड में कोई जगह नहीं मिलनी चाहिए।
हालांकि ट्रंप के समर्थकों का कहना है कि यह विरोध ‘राजनीतिक ड्रामा’ से ज्यादा कुछ नहीं है। ट्रंप के प्रवक्ता ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि यह दौरा पूरी तरह निजी है और वह यहां अपने व्यवसायिक कार्यों को देखने आए हैं। लेकिन विरोध प्रदर्शन और मीडिया कवरेज ने इसे एक बड़ा सार्वजनिक मामला बना दिया है। ट्रंप ने खुद भी सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया जिसमें उन्होंने स्कॉटलैंड की प्राकृतिक सुंदरता की तारीफ की और अपने रिसॉर्ट्स को “विश्व स्तरीय टूरिज़्म डेस्टिनेशन” बताया।
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप इस दौरे के ज़रिए अपनी वैश्विक छवि को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिका में चल रही कानूनी मुश्किलों और आगामी राष्ट्रपति चुनाव की तैयारी के बीच, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को सक्रिय दिखाना उनकी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। लेकिन स्कॉटलैंड में उनका इस तरह का विरोध यह भी दर्शाता है कि पश्चिमी देशों के कुछ हिस्सों में उनकी लोकप्रियता गंभीर रूप से प्रभावित हुई है।



