यूपी: बेसिक-माध्यमिक शिक्षकों को मिलेगा कैशलेस चिकित्सा सुविधा, शासन ने मांगा ब्योरा

उत्तर प्रदेश सरकार लगातार अपने कर्मचारियों और शिक्षकों के हित में नई योजनाएँ ला रही है। इसी क्रम में राज्य के बेसिक और माध्यमिक शिक्षकों को अब कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी तेज हो गई है। शासन ने सभी संबंधित विभागों और शिक्षा अधिकारियों से विस्तृत ब्योरा मांगा है, ताकि शिक्षकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ बिना आर्थिक बोझ के उपलब्ध कराई जा सकें। यह कदम न केवल शिक्षकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा करेगा बल्कि उनके परिवारों के लिए भी एक राहतभरी पहल साबित होगा।
अब तक कई बार शिकायतें सामने आती रही थीं कि शिक्षकों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों में भारी-भरकम खर्च उठाना पड़ता है। खासकर गंभीर बीमारियों जैसे हार्ट अटैक, कैंसर, किडनी रोग या बड़े ऑपरेशन की स्थिति में आर्थिक संकट खड़ा हो जाता है। कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलने के बाद शिक्षकों को सीधे सूचीबद्ध अस्पतालों में निशुल्क इलाज की सुविधा मिल सकेगी। इस सुविधा के लिए सरकार स्वास्थ्य बीमा कंपनियों से अनुबंध कर रही है, ताकि पारदर्शी और भरोसेमंद व्यवस्था लागू की जा सके।
सूत्रों के अनुसार, इस योजना का लाभ सिर्फ बेसिक और माध्यमिक शिक्षक ही नहीं बल्कि सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक और कर्मचारी भी उठा पाएंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग ने सभी जिलों से शिक्षकों की संख्या, उनकी आयु, पारिवारिक विवरण और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी मांगी है। यह डाटा बीमा कंपनी को उपलब्ध कराया जाएगा, जिसके आधार पर प्रीमियम तय होगा और सुविधा लागू की जाएगी।
शासन की मंशा है कि यह योजना जल्द से जल्द लागू की जाए ताकि कोई भी शिक्षक आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित न हो। खास बात यह है कि शिक्षकों के परिवार के आश्रित सदस्य भी इस योजना में शामिल किए जा सकते हैं। यानी एक बार कार्ड बन जाने के बाद पूरा परिवार सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज पा सकेगा।
इस योजना को लेकर शिक्षक संगठनों में भी उत्साह देखा जा रहा है। लंबे समय से शिक्षक संगठन स्वास्थ्य बीमा और कैशलेस इलाज की मांग कर रहे थे। उनका कहना है कि शिक्षक समाज का मार्गदर्शक है और यदि वही स्वास्थ्य समस्याओं से जूझेगा तो शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल शिक्षा जगत के लिए एक बड़ी राहत है। बेसिक और माध्यमिक शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलने से न केवल उनका स्वास्थ्य सुरक्षित रहेगा बल्कि मानसिक रूप से भी उन्हें संतोष मिलेगा। अब देखना यह है कि सरकार कितनी जल्दी इस योजना को जमीनी स्तर पर लागू करती है।



