यूपी बाढ़ संकट 2025: 17 जिलों में बाढ़ प्रभावित, 2.45 लाख लोग सुरक्षित स्थानों पर, सीएम योगी के निर्देश पर 996 बाढ़ चौकियां सक्रिय

उत्तर प्रदेश इन दिनों भयंकर बाढ़ संकट से जूझ रहा है। प्रदेश के 17 जिले बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं, जहां लाखों लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार अब तक करीब 2.45 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे कई गांव पानी में डूब गए हैं। ऐसे हालात में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत राहत और बचाव कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए हैं।
बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित इलाके गंगा, घाघरा, शारदा और यमुना नदी के किनारे बसे जिले हैं। कई गांवों का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट चुका है, जिससे लोगों तक मदद पहुंचाना चुनौतीपूर्ण हो गया है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल की ओर से नावों और ट्रैक्टरों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है। वहीं, 996 बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है, जहां से हालात की निगरानी और राहत कार्यों का संचालन किया जा रहा है।
प्रदेश सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री भेजने का भी इंतजाम किया है। इनमें राशन, पीने का पानी, दवाइयां और पशुओं के लिए चारा शामिल है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार गांव-गांव जाकर मेडिकल कैंप लगा रही हैं, ताकि किसी भी महामारी की आशंका को रोका जा सके। सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कोई भी परिवार भूखा न रहे और बाढ़ पीड़ितों तक हर जरूरी मदद समय पर पहुंचे।
बाढ़ के कारण हजारों हेक्टेयर खेती की जमीन जलमग्न हो गई है। धान और गन्ने की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। किसानों की चिंता को देखते हुए सरकार ने सर्वे शुरू कराया है, ताकि फसल क्षति का मुआवजा जल्द दिया जा सके। इसके अलावा पशुओं के लिए चारे और दवा की विशेष व्यवस्था की गई है।
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित जिलों में स्कूलों को अस्थायी राहत कैंप में बदल दिया है। यहां रहने वाले लोगों को खाने-पीने से लेकर चिकित्सा तक की सुविधाएं दी जा रही हैं। बचाव कार्यों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी जुटी हुई हैं।
सीएम योगी ने कहा है कि यह समय संवेदनशीलता और तत्परता दिखाने का है। उन्होंने मंत्रियों और अधिकारियों को फील्ड में जाकर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, उन्होंने साफ कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस कठिन परिस्थिति में उत्तर प्रदेश सरकार, प्रशासन, सेना और स्थानीय लोगों का संयुक्त प्रयास ही बाढ़ संकट से निपटने का रास्ता बनेगा। राज्य सरकार का दावा है कि हर प्रभावित नागरिक को सुरक्षित स्थान और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि कोई भी परिवार असहाय महसूस न करे।



