
उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 की राजनीतिक सरगर्मियों के बीच एनडीए (NDA) ने अपने उम्मीदवार का नाम तय कर दिया है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन की ओर से सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद के लिए प्रत्याशी घोषित किया गया। उन्होंने संसद भवन में अपना नामांकन दाखिल किया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले प्रस्तावक बने। इस नामांकन प्रक्रिया के दौरान भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और एनडीए के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
सीपी राधाकृष्णन तमिलनाडु से ताल्लुक रखते हैं और भाजपा के कद्दावर नेताओं में गिने जाते हैं। वे कई बार लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं और पार्टी संगठन में भी विभिन्न महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा चुके हैं। उनकी साफ-सुथरी छवि और संगठनात्मक पकड़ को देखते हुए एनडीए ने उन्हें उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार माना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नामांकन पत्र पर पहले प्रस्तावक के रूप में हस्ताक्षर करके यह संदेश दिया कि पूरा गठबंधन एकजुट होकर इस चुनाव में उतरेगा। माना जा रहा है कि एनडीए के पास संसद में पर्याप्त संख्या बल है, ऐसे में सीपी राधाकृष्णन की जीत लगभग तय मानी जा रही है। विपक्ष की ओर से अभी तक कोई सशक्त उम्मीदवार सामने नहीं आया है, जिससे राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह चुनाव औपचारिकता भर ही रह जाएगा।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि सीपी राधाकृष्णन का उपराष्ट्रपति पद पर आना न केवल दक्षिण भारत में भाजपा की पकड़ मजबूत करेगा, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी एक संतुलन कायम करेगा। दक्षिणी राज्यों में भाजपा को विस्तार की जरूरत है और इस कदम को उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
नामांकन के दौरान संसद भवन का माहौल उत्साहपूर्ण रहा। बड़ी संख्या में एनडीए सांसद और नेता उपस्थित थे। पीएम मोदी ने इस मौके पर कहा कि सीपी राधाकृष्णन का अनुभव, ईमानदारी और जनता से जुड़ाव उपराष्ट्रपति पद की गरिमा को और बढ़ाएगा।
इस घोषणा के बाद भाजपा और एनडीए कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई है। पार्टी नेताओं का मानना है कि राधाकृष्णन की उम्मीदवारी से विपक्ष की रणनीति को बड़ा झटका लगेगा। अब सबकी निगाहें चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया और मतदान की तारीख पर टिकी हैं।
कुल मिलाकर, उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 में सीपी राधाकृष्णन की उम्मीदवारी एनडीए की एक रणनीतिक चाल है, जो आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति के समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।



