
भारत सरकार अब इंटरनेट पर मौजूद अनैतिक शब्दों और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाली वेबसाइट्स पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने संकेत दिया है कि आने वाले हफ्तों में नई डिजिटल गाइडलाइन (Digital Content Regulation Policy 2025) जारी की जाएगी, जिसके तहत ऐसी वेबसाइट्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाया जा सकेगा जो समाज में गलत संदेश फैलाते हैं या युवाओं को नकारात्मक दिशा में प्रभावित करते हैं।
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह कदम “स्वच्छ डिजिटल भारत मिशन” के तहत उठाया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इंटरनेट पर तेजी से बढ़ रही अश्लील, भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री समाज की नैतिक संरचना को कमजोर कर रही है। खासतौर पर युवाओं और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर इसका नकारात्मक असर पड़ रहा है। इसीलिए अब ऐसे कंटेंट को रोकने के लिए एक स्पष्ट कानूनी ढांचा तैयार किया जा रहा है।
नई गाइडलाइन के अंतर्गत सरकार वेबसाइट्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए “कंटेंट फिल्टरिंग सिस्टम” लागू करने की योजना बना रही है, जिससे कोई भी अशोभनीय या अनैतिक शब्द स्वतः ब्लॉक हो जाएं। साथ ही, जो वेबसाइट्स जानबूझकर ऐसा कंटेंट प्रसारित करती हैं, उन पर भारी जुर्माना और लाइसेंस रद्द करने जैसी सजा का प्रावधान होगा।
सूत्रों के अनुसार, इस नीति में केवल वयस्क वेबसाइट्स ही नहीं, बल्कि ऐसी न्यूज साइट्स, ब्लॉग्स, और सोशल मीडिया पेज भी शामिल होंगे जो अभद्र शब्दावली या आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हैं। गाइडलाइन जारी होने के बाद इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (ISPs) को यह अधिकार होगा कि वे ऐसे प्लेटफॉर्म्स को तत्काल ब्लॉक करें।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम सही दिशा में है, लेकिन इसे लागू करने के लिए तकनीकी पारदर्शिता और स्वतंत्र निगरानी तंत्र की भी आवश्यकता होगी ताकि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अनावश्यक अंकुश न लगे।
सरकार का यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने वाली और अभद्र भाषा का उपयोग करने वाली सामग्री तेजी से बढ़ रही है। नई नीति से उम्मीद की जा रही है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर साफ-सुथरा और जिम्मेदार माहौल बन सकेगा, जिससे इंटरनेट सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए एक सुरक्षित और सकारात्मक माध्यम बन सके।
भारत सरकार अब इंटरनेट पर मौजूद अनैतिक शब्दों और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाली वेबसाइट्स पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने संकेत दिया है कि आने वाले हफ्तों में नई डिजिटल गाइडलाइन (Digital Content Regulation Policy 2025) जारी की जाएगी, जिसके तहत ऐसी वेबसाइट्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाया जा सकेगा जो समाज में गलत संदेश फैलाते हैं या युवाओं को नकारात्मक दिशा में प्रभावित करते हैं।
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह कदम “स्वच्छ डिजिटल भारत मिशन” के तहत उठाया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इंटरनेट पर तेजी से बढ़ रही अश्लील, भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री समाज की नैतिक संरचना को कमजोर कर रही है। खासतौर पर युवाओं और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर इसका नकारात्मक असर पड़ रहा है। इसीलिए अब ऐसे कंटेंट को रोकने के लिए एक स्पष्ट कानूनी ढांचा तैयार किया जा रहा है।
नई गाइडलाइन के अंतर्गत सरकार वेबसाइट्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए “कंटेंट फिल्टरिंग सिस्टम” लागू करने की योजना बना रही है, जिससे कोई भी अशोभनीय या अनैतिक शब्द स्वतः ब्लॉक हो जाएं। साथ ही, जो वेबसाइट्स जानबूझकर ऐसा कंटेंट प्रसारित करती हैं, उन पर भारी जुर्माना और लाइसेंस रद्द करने जैसी सजा का प्रावधान होगा।
सूत्रों के अनुसार, इस नीति में केवल वयस्क वेबसाइट्स ही नहीं, बल्कि ऐसी न्यूज साइट्स, ब्लॉग्स, और सोशल मीडिया पेज भी शामिल होंगे जो अभद्र शब्दावली या आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हैं। गाइडलाइन जारी होने के बाद इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (ISPs) को यह अधिकार होगा कि वे ऐसे प्लेटफॉर्म्स को तत्काल ब्लॉक करें।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम सही दिशा में है, लेकिन इसे लागू करने के लिए तकनीकी पारदर्शिता और स्वतंत्र निगरानी तंत्र की भी आवश्यकता होगी ताकि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अनावश्यक अंकुश न लगे।
सरकार का यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने वाली और अभद्र भाषा का उपयोग करने वाली सामग्री तेजी से बढ़ रही है। नई नीति से उम्मीद की जा रही है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर साफ-सुथरा और जिम्मेदार माहौल बन सकेगा, जिससे इंटरनेट सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए एक सुरक्षित और सकारात्मक माध्यम बन सके।



