योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में युवक एवं महिला मंगल दलों को खेल सामग्री वितरित की

मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने दिनांक 13 अक्टूबर 2025 को लखनऊ के इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमतीनगर में आयोजित कार्यक्रम में युवा और महिला मंगल दलों को खेल सामग्री वितरित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल केवल शारीरिक विकास का माध्यम नहीं बल्कि मानसिक विकास और सामाजिक सौहार्द का भी महत्वपूर्ण साधन हैं। उन्होंने यह भी जोर दिया कि युवा और महिलाएं अगर खेलों में सक्रिय रूप से भाग लें तो उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा।
कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं और महिलाओं ने खेल सामग्री प्राप्त कर अपने उत्साह और खुशी व्यक्त की। मुख्यमंत्री योगी ने सभी मंगल दलों के सदस्यों को खेलों के महत्व को समझने और उन्हें अपने जीवन में शामिल करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सरकार खेलों के माध्यम से युवाओं को नशा मुक्त और अनुशासित बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने स्थानीय अधिकारियों और खेल संगठन प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि वे ऐसे कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करें और ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में खेलों को बढ़ावा दें।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि खेलों के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं और महिलाओं को भविष्य में विशेष पुरस्कार और सम्मान भी दिए जाएंगे। इससे युवाओं में खेलों के प्रति उत्साह बढ़ेगा और वे अपने क्षेत्र में खेल संस्कृति को मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि खेल केवल व्यक्तिगत विकास का माध्यम नहीं, बल्कि टीम वर्क, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी सिखाने का भी एक शानदार जरिया है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों से बातचीत की और उनके सुझाव भी सुने। उन्होंने युवा और महिला मंगल दलों को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार खेलों के क्षेत्र में उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। इस अवसर पर खेल सामग्री वितरण के अलावा खिलाड़ियों के लिए मार्गदर्शन सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें उन्हें खेल में तकनीकी और मानसिक कौशल विकसित करने के टिप्स दिए गए।
इस कार्यक्रम ने न केवल युवा और महिलाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाई, बल्कि सामुदायिक खेल संस्कृति को भी प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह पहल राज्य में खेलों के विकास और युवाओं को सकारात्मक दिशा में मार्गदर्शन देने में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



