मेरठ में गांधी आश्रम की जमीन वापस लेगी योगी सरकार, अनियमितताओं के चलते बड़ा फैसला

मेरठ जिले में स्थित ऐतिहासिक गांधी आश्रम की जमीन को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। प्रशासनिक जांच में सामने आई अनियमितताओं और भूमि उपयोग में कथित गड़बड़ियों के बाद सरकार ने आश्रम को आवंटित की गई जमीन को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि यह जमीन मूल रूप से खादी और ग्रामोद्योग से जुड़े कार्यों तथा सामाजिक गतिविधियों के लिए दी गई थी, लेकिन वर्षों से इसका उपयोग निर्धारित उद्देश्यों के अनुरूप नहीं हो रहा था। राजस्व विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त रिपोर्ट में भूमि के व्यावसायिक उपयोग और नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है। सरकार का कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा और जो भी संस्थाएं तय शर्तों का पालन नहीं करेंगी, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक जमीन वापस लेकर उसे जनहित से जुड़ी परियोजनाओं में इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि क्षेत्र के लोगों को सीधा लाभ मिल सके। इस फैसले के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में बड़ा कदम मान रहे हैं, तो कुछ इसे ऐतिहासिक संस्थाओं के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति बता रहे हैं। फिलहाल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया कानून के दायरे में रहकर और सभी पक्षों को सुनने के बाद ही पूरी की जाएगी। सरकार का दावा है कि प्रदेश में सरकारी जमीनों की सुरक्षा और सही उपयोग सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।



