अमेरिका में रह रहे भारतीय मूल के एक परिवार की रहस्यमयी गुमशुदगी ने सभी को हैरान और चिंतित कर दिया है। यह मामला तब सामने आया जब न्यू जर्सी राज्य के एक शहर में रहने वाला यह परिवार रोज़मर्रा की तरह Burger King में खाने के लिए गया, लेकिन इसके बाद से कोई उनका पता नहीं लगा पाया। इस घटना ने न केवल स्थानीय पुलिस को सतर्क कर दिया है बल्कि एफबीआई (FBI) ने भी मामले में हस्तक्षेप करते हुए जांच शुरू कर दी है।
परिवार में पति-पत्नी और उनके दो छोटे बच्चे शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक, उन्होंने शाम को करीब 6 बजे Burger King में एंट्री की, वहां से उनके बाहर निकलने की कोई स्पष्ट CCTV फुटेज नहीं मिली है। इससे मामला और भी रहस्यमयी हो गया है। Burger King के स्टाफ ने बताया कि परिवार ने खाना ऑर्डर किया था, लेकिन उसके बाद वे कहां गए, इसका कुछ भी पता नहीं चल पाया।
परिवार के एक रिश्तेदार ने गुमशुदगी की रिपोर्ट स्थानीय थाने में दर्ज कराई। रिपोर्ट के अनुसार, परिवार का मोबाइल फोन तब से स्विच ऑफ है और उनके निवास स्थान पर भी कोई मौजूद नहीं मिला। पुलिस ने Burger King के आसपास के इलाके की फुटेज खंगाली है, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।
एफबीआई ने इसे “सस्पिशियस मिसिंग केस” (संदिग्ध गुमशुदगी मामला) घोषित किया है और विशेष एजेंसियों को जांच में लगाया गया है। भारतीय दूतावास ने भी इस मामले पर संज्ञान लिया है और अमेरिकी प्रशासन से संपर्क में है। दूतावास ने आश्वासन दिया है कि वे परिवार को खोजने में हरसंभव सहायता प्रदान करेंगे।
स्थानीय भारतीय समुदाय भी इस घटना से काफी चिंतित है। सोशल मीडिया पर भी लोग परिवार की सलामती की दुआ कर रहे हैं और प्रशासन से जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कई लोगों ने इस मामले की तुलना हाल के वर्षों में हुई अन्य रहस्यमयी गुमशुदगी से की है, जिसमें विदेशी मूल के नागरिक निशाना बने हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना अमेरिका में बढ़ते हुए सुरक्षा संकट की ओर भी इशारा करती है, खासकर उन परिवारों के लिए जो प्रवासी हैं और जिनकी स्थानीय पहचान सीमित है। अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों की संख्या लाखों में है और इस तरह की घटनाएं पूरे समुदाय में भय का माहौल बना सकती हैं।
फिलहाल, पुलिस, एफबीआई और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मामले की हर एंगल से जांच कर रही हैं। जांच में तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है ताकि मोबाइल लोकेशन, GPS डाटा, और बैंकिंग ट्रांजेक्शन के जरिए कुछ सुराग मिल सके।
आशा की जा रही है कि जल्द ही यह परिवार सुरक्षित पाया जाएगा और इस रहस्य से पर्दा उठेगा। तब तक के लिए प्रशासन और आम जनता की यही कोशिश है कि किसी भी सुराग को नज़रअंदाज़ न किया जाए।



