
यमुना नदी की सफाई को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah ने एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि अब केवल योजनाएं नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाले परिणाम चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि यमुना सफाई अभियान से जुड़े कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए और हर 20 दिन में सटीक तथा मापनीय परिणाम प्रस्तुत किए जाएं।
बैठक में नदी प्रदूषण, सीवेज ट्रीटमेंट, ड्रेनों के प्रबंधन और चल रही परियोजनाओं की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरे हों और प्रदूषण कम करने के प्रयासों का वास्तविक प्रभाव दिखाई दे।
गृहमंत्री ने विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि यमुना की सफाई केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इससे जुड़े सभी संस्थानों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने परियोजनाओं की निगरानी और जवाबदेही बढ़ाने के निर्देश भी दिए।
यमुना लंबे समय से प्रदूषण की गंभीर समस्या का सामना कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि नदी में गिरने वाले अनुपचारित सीवेज और औद्योगिक अपशिष्ट इसके प्रमुख कारण हैं। ऐसे में सफाई अभियान की सफलता के लिए प्रभावी क्रियान्वयन और निरंतर निगरानी बेहद जरूरी है।
सरकार का लक्ष्य यमुना की जल गुणवत्ता में सुधार लाना और नदी को स्वच्छ बनाने की दिशा में ठोस प्रगति हासिल करना है। बैठक के बाद अब संबंधित एजेंसियों पर निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का दबाव बढ़ गया है।



