
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते प्रभाव के बीच BRICS देशों ने इसके इस्तेमाल और विकास के लिए साझा नियम बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। भारत की अध्यक्षता में इस पहल का उद्देश्य AI तकनीक को सुरक्षित, भरोसेमंद और जिम्मेदार तरीके से आगे बढ़ाना है।
BRICS देशों का मानना है कि AI आने वाले समय में अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और शासन व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकता है। ऐसे में सभी देशों के बीच सहयोग और समान मानकों की जरूरत बढ़ गई है।
AI के क्षेत्र में डेटा सुरक्षा, गोपनीयता, पारदर्शिता और नैतिक उपयोग जैसे मुद्दे दुनिया भर में चर्चा का विषय बने हुए हैं। साझा नियमों का उद्देश्य इन चुनौतियों से निपटने के लिए एक बेहतर ढांचा तैयार करना है।
भारत लंबे समय से AI के जिम्मेदार और समावेशी विकास की वकालत करता रहा है। भारत का जोर इस बात पर है कि नई तकनीक का लाभ सभी देशों और समाज के सभी वर्गों तक पहुंचे।
BRICS देशों के बीच सहयोग बढ़ने से रिसर्च, डिजिटल इनोवेशन और तकनीकी विकास के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। इससे सदस्य देशों को AI क्षेत्र में अपनी क्षमताएं मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों के अनुसार, AI के लिए वैश्विक स्तर पर नियम बनाना एक चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया है, क्योंकि अलग-अलग देशों की तकनीकी क्षमता, नीतियां और प्राथमिकताएं अलग हैं। ऐसे में BRICS जैसे मंचों पर सहमति बनाना महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
AI का भविष्य केवल तकनीकी प्रगति पर नहीं, बल्कि उसके सुरक्षित और जिम्मेदार इस्तेमाल पर भी निर्भर करेगा। BRICS की यह पहल वैश्विक AI गवर्नेंस की दिशा में एक अहम प्रयास मानी जा रही है।



