ऑपरेशन सिंदूर के एक साल बाद भी सिंधु जल संधि पर भारत का सख्त रुख, पाकिस्तान पर असर

Indus Waters Treaty को लेकर भारत का रुख ऑपरेशन सिंदूर के एक साल बाद भी सख्त बना हुआ है। भारत लगातार यह संकेत दे रहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक हितों से जुड़े मुद्दों पर किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की इस नीति का असर पाकिस्तान की कृषि, जल प्रबंधन और बिजली उत्पादन पर पड़ सकता है, क्योंकि सिंधु नदी प्रणाली वहां की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम मानी जाती है।
भारत ने हाल के वर्षों में अपने हिस्से के जल संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर जोर बढ़ाया है। इसके तहत कई जलविद्युत और सिंचाई परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। दूसरी ओर, पाकिस्तान लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को उठाता रहा है और भारत के कदमों पर चिंता जताता रहा है। हालांकि, भारत का कहना है कि वह संधि के दायरे में रहते हुए अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर रहा है। रणनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, जल संसाधनों को लेकर दोनों देशों के बीच यह मुद्दा आने वाले समय में भी अहम बना रह सकता है।



