मणिपुर हिंसा: नागा संगठन का 48 घंटे का अल्टीमेटम

मणिपुर के कांगपोकपी जिले में माकुई अशांग गांव पर 10 अक्टूबर को हुए कथित हमले के बाद तनाव बढ़ गया। इस घटना में 52 वर्षीय अजिनबोउ आर की हत्या हुई। रविवार रात उनका सिर के बिना शव पोस्टमार्टम के लिए इंफाल स्थित जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज लाया गया।
जॉइंट ट्राइब्स काउंसिल ने दी चेतावनी
जॉइंट ट्राइब्स काउंसिल मणिपुर ने मृतक का सिर बरामद कर परिवार को सौंपने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। संगठन का कहना है कि सम्मानजनक अंतिम संस्कार के लिए शव के सभी अवशेष परिवार को मिलने चाहिए। मांग पूरी नहीं होने पर परिषद ने न्याय सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाने की चेतावनी दी है।
तीन जिलों में गोलीबारी, नौ लोगों की मौत
मणिपुर के कामजोंग, उखरुल और कांगपोकपी जिलों में शुक्रवार और शनिवार को हुई अलग-अलग गोलीबारी की घटनाओं में कम से कम नौ लोगों की मौत हुई। हिंसा के दौरान कई स्थानों पर आगजनी और सशस्त्र समूहों के बीच गोलीबारी की खबरें भी सामने आईं। इन घटनाओं ने राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और शांति बहाली को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
महिला की हत्या के बाद बढ़ा संघर्ष
रिपोर्टों के अनुसार, हिंसा के नए दौर की शुरुआत कामजोंग जिले के चस्साद गांव में एक महिला की गोली मारकर हत्या के बाद हुई। इसके बाद नागा और कुकी समुदायों से जुड़े सशस्त्र समूहों के बीच झड़पें हुईं। हालांकि, अलग-अलग घटनाओं की पूरी परिस्थितियों और जिम्मेदार लोगों की पहचान को लेकर जांच जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने शांति बहाली के निर्देश दिए
मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने हत्याओं की निंदा करते हुए संबंधित अधिकारियों से हालात नियंत्रित करने, कानून-व्यवस्था बहाल करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने को कहा है। ताजा घटनाक्रम के बीच प्रशासन के सामने हिंसा रोकने और प्रभावित इलाकों में भरोसा कायम करने की चुनौती है।



