
अगर बैंक या किसी वित्तीय संस्थान से जुड़ी शिकायत का समाधान समय पर नहीं हो रहा है, तो ग्राहकों के लिए राहत की व्यवस्था की गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शिकायत निवारण व्यवस्था को आसान बनाने के लिए ‘एक देश, एक लोकपाल मॉडल’ लागू किया है। इसका उद्देश्य ग्राहकों को बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं से जुड़ी शिकायतों के लिए एक सरल और प्रभावी मंच उपलब्ध कराना है।
इस व्यवस्था के तहत ग्राहक अलग-अलग बैंकिंग संस्थानों के लिए अलग-अलग प्रक्रिया में उलझने के बजाय एकीकृत लोकपाल प्रणाली के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसमें बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल भुगतान, एनबीएफसी और अन्य विनियमित वित्तीय संस्थानों से जुड़ी शिकायतों को शामिल किया गया है।
RBI की लोकपाल व्यवस्था के तहत पात्र मामलों में ग्राहकों को राहत और मुआवजे का प्रावधान भी है। शिकायत के प्रकार और नुकसान के आधार पर नियमों के अनुसार मुआवजे की राशि तय की जा सकती है। कुछ मामलों में यह राशि अधिकतम 30 लाख रुपये तक हो सकती है।
ग्राहकों को पहले संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था के पास शिकायत दर्ज करनी होती है। यदि निर्धारित समय में समाधान नहीं मिलता या जवाब संतोषजनक नहीं होता, तो वे RBI के शिकायत तंत्र के माध्यम से आगे बढ़ सकते हैं। इससे बैंकिंग सेवाओं में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
RBI का यह कदम डिजिटल बैंकिंग और बढ़ते वित्तीय लेनदेन के दौर में ग्राहक अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई व्यवस्था से ग्राहकों को शिकायतों के समाधान के लिए अधिक सुविधाजनक और प्रभावी माध्यम मिलने की उम्मीद है।



