श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर ब्रज की सांस्कृतिक विरासत का होगा वैश्विक प्रदर्शन – मंत्री जयवीर सिंह
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि इस वर्ष श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर पूरी दुनिया ब्रज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को देखेगी और अनुभव करेगी। मथुरा, वृंदावन, गोकुल, नंदगांव और बरसाना जैसे पवित्र स्थलों पर होने वाले कार्यक्रमों की भव्यता, रंगीन उत्सव और धार्मिक आस्था का संगम इस बार वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि श्री कृष्ण जन्माष्टमी ब्रज क्षेत्र के लिए केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि यह यहां की परंपराओं, लोक कलाओं, संगीत, नृत्य और भक्ति भाव का अद्वितीय प्रदर्शन है। इस अवसर पर प्रदेश सरकार ने विशेष योजनाएं बनाई हैं, जिनमें रासलीला, झांकी, सांस्कृतिक शो, पारंपरिक लोक नृत्य, भजन संध्या और श्रीकृष्ण लीला मंचन जैसे कार्यक्रम शामिल होंगे। इन आयोजनों का सीधा प्रसारण देश-विदेश में किया जाएगा, जिससे दुनिया भर के लोग ब्रज की अद्वितीय सांस्कृतिक धरोहर को देख सकेंगे।
ब्रज क्षेत्र का हर कोना जन्माष्टमी पर कृष्णमय हो जाता है। मथुरा में आधी रात को श्रीकृष्ण जन्म के साथ मंदिरों की घंटियों की गूंज, वृंदावन में रंग-बिरंगी फूलों की सजावट, गोकुल में दही-हांडी की प्रतियोगिताएं और बरसाना में लट्ठमार उत्सव की झलक इस बार भी लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगी। प्रदेश सरकार इन आयोजनों के दौरान सुरक्षा, यातायात और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम करेगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि इस बार का जन्माष्टमी महोत्सव विशेष होगा क्योंकि इसमें आधुनिक तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा। 3D मैपिंग, डिजिटल स्क्रीनिंग और वर्चुअल टूर के माध्यम से वे लोग भी इस भव्यता का अनुभव कर सकेंगे जो शारीरिक रूप से यहां नहीं पहुंच पाते। इसके अलावा, ब्रज क्षेत्र के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को उजागर करने के लिए विशेष प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी।
उन्होंने यह भी बताया कि जन्माष्टमी पर आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए ब्रज क्षेत्र में ‘हेरिटेज वॉक’, पारंपरिक खानपान के स्टॉल, हस्तशिल्प प्रदर्शनी और स्थानीय कलाकारों के लाइव प्रदर्शन का आयोजन होगा। इससे न केवल ब्रज की सांस्कृतिक पहचान और मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस वर्ष का जन्माष्टमी उत्सव ब्रज संस्कृति के भव्य, जीवंत और आध्यात्मिक रूप को विश्व मंच पर स्थापित करने का एक सुनहरा अवसर होगा। जब मथुरा-वृंदावन की गलियां भजन, कीर्तन और रासलीला की मधुर धुनों से गूंजेंगी, तब दुनिया के कोने-कोने से लोग कृष्ण भक्ति और ब्रज की अनूठी विरासत का अनुभव करेंगे।



