नैमिषारण्य से मथुरा तक 112 किमी नई रेल लाइन, 5 धाम जुड़ेंगे

नैमिषारण्य से मथुरा-वृंदावन तक नई रेल कनेक्टिविटी की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। नैमिषारण्य-मथुरा रेल जोड़ो अभियान समिति ने रेल मंत्री को पत्र भेजकर करीब 112 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन की मांग रखी है। प्रस्तावित रेल लिंक का उद्देश्य प्रमुख धार्मिक स्थलों को आपस में जोड़ना है।
इस रेल लाइन के बनने से श्रद्धालुओं के लिए नैमिषारण्य से मथुरा और वृंदावन तक पहुंचना आसान हो सकता है। धार्मिक महत्व वाले इन क्षेत्रों के बीच सीधी कनेक्टिविटी बेहतर होने से यात्रियों को अलग-अलग मार्गों और साधनों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
प्रस्तावित रेल मार्ग को उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नैमिषारण्य और मथुरा-वृंदावन जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों के बीच बेहतर रेल संपर्क बनने से देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यात्रा सुविधाजनक हो सकती है।
नई रेल लाइन से जुड़े क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की भी उम्मीद है। यात्रियों की संख्या बढ़ने से होटल, परिवहन, स्थानीय बाजार, प्रसाद और अन्य पर्यटन आधारित कारोबारों को फायदा मिल सकता है।
फिलहाल यह एक प्रस्ताव और मांग के रूप में सामने आया है। यदि रेलवे स्तर पर इस परियोजना को मंजूरी मिलती है और आगे सर्वे व निर्माण की प्रक्रिया शुरू होती है, तो आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की रेल कनेक्टिविटी को नई दिशा मिल सकती है।



