रोजगार मेले में 25 कंपनियों की भागीदारी, 172 दिव्यांग प्रतिभागियों को मिला नौकरी का ऑफर
उत्तर प्रदेश में आयोजित विशेष रोजगार मेले ने दिव्यांग युवाओं के लिए नई उम्मीद की किरण जगाई है। इस रोजगार मेले में 25 प्रतिष्ठित कंपनियों ने भाग लिया और 172 दिव्यांग प्रतिभागियों को विभिन्न पदों पर नौकरी के ऑफर दिए गए। इस आयोजन का उद्देश्य दिव्यांगजनों को मुख्यधारा में लाना, उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और उनकी प्रतिभा को उचित अवसर प्रदान करना था।
मेले का आयोजन प्रदेश सरकार और विभिन्न औद्योगिक संगठनों के सहयोग से किया गया। इसमें आईटी, मैन्युफैक्चरिंग, रिटेल, हेल्थकेयर और सर्विस सेक्टर की कंपनियों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों का चयन उनकी योग्यता, कौशल और रुचि के आधार पर किया गया। कई कंपनियों ने ऑन-द-स्पॉट इंटरव्यू लिए और योग्य उम्मीदवारों को तुरंत ऑफर लेटर सौंपा।
रोजगार मेले में आए हुए उम्मीदवारों को पहले स्किल असेसमेंट टेस्ट के जरिए आंका गया। इसके बाद, इंटरव्यू और ग्रुप डिस्कशन का दौर चला। जिन उम्मीदवारों ने बेहतर प्रदर्शन किया, उन्हें संबंधित कंपनियों में नौकरी का ऑफर दिया गया। विशेष बात यह रही कि कंपनियों ने दिव्यांग प्रतिभागियों के लिए कार्यस्थल पर विशेष सुविधाओं का वादा किया, ताकि वे सहज और सुरक्षित वातावरण में काम कर सकें।
कार्यक्रम में अधिकारियों और उद्योग प्रतिनिधियों ने दिव्यांगजनों को प्रेरित करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति की सफलता उसकी मेहनत, प्रतिभा और आत्मविश्वास पर निर्भर करती है, न कि शारीरिक सीमाओं पर। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में अवसरों की कोई कमी नहीं है, बस सही मार्गदर्शन और संकल्प की जरूरत है।
सरकार के प्रतिनिधियों ने भी घोषणा की कि आने वाले समय में ऐसे रोजगार मेलों की संख्या बढ़ाई जाएगी और अधिक से अधिक कंपनियों को इसमें शामिल करने के प्रयास किए जाएंगे। साथ ही, दिव्यांग युवाओं के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे, ताकि वे विभिन्न उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुसार खुद को तैयार कर सकें।
दिव्यांग प्रतिभागियों ने इस अवसर को अपने जीवन का अहम मोड़ बताया। कई प्रतिभागियों ने कहा कि उन्हें पहली बार ऐसा महसूस हुआ कि समाज और उद्योग जगत उनके योगदान को गंभीरता से ले रहा है।
यह रोजगार मेला न केवल नौकरी दिलाने का माध्यम बना, बल्कि इसने यह संदेश भी दिया कि दिव्यांगजन भी किसी से कम नहीं हैं और सही अवसर मिलने पर वे भी किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। ऐसे आयोजन समाज में समानता और समावेशिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहे हैं।



