सीएम योगी आदित्यनाथ बोले- पहले ईद मिलन और रोजा इफ्तार होते थे, अब दिवाली मिलन की परंपरा बन रही है

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि “पहले ईद मिलन और रोजा इफ्तार के कार्यक्रमों का चलन था, लेकिन अब दिवाली मिलन की परंपरा बन रही है।” सीएम योगी लखनऊ में आयोजित दिवाली मिलन समारोह में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि त्योहार किसी धर्म या समुदाय के नहीं, बल्कि पूरे समाज के उत्सव होते हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे आपसी सद्भाव और भाईचारे के साथ दिवाली का त्योहार मनाएं, क्योंकि त्योहार सामाजिक एकता का प्रतीक होते हैं।
योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि पहले राजनीतिक मंचों पर केवल एक समुदाय विशेष के त्योहारों को मनाने की परंपरा बन गई थी, लेकिन अब समय बदल चुका है। अब लोग होली मिलन, दिवाली मिलन जैसे कार्यक्रमों के जरिए भारत की सांस्कृतिक पहचान को फिर से जीवंत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता अब अपने त्योहारों को गर्व से मना रही है और इससे राज्य में सकारात्मक माहौल बन रहा है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सरकार की विकास योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है और यह सब जनता के सहयोग से संभव हुआ है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वच्छता, ऊर्जा संरक्षण और समाजिक सौहार्द का संदेश देने वाली दिवाली मनाएं।
सीएम योगी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि जब समाज के सभी वर्ग एक साथ त्योहार मनाते हैं तो एकता की भावना और भी मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि “भारत की पहचान उसकी विविधता और एकता में है। हमें अपनी परंपराओं और संस्कारों को सहेजते हुए आगे बढ़ना चाहिए।”
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मंत्री, अधिकारी, विधायक और विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोग मौजूद रहे। दिवाली मिलन के इस आयोजन को मुख्यमंत्री ने “नए भारत की नई सोच” का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में त्योहार केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय एकता के पर्व बन चुके हैं।



