गोरखपुर: गोरक्षपीठ में शारदीय नवरात्र अनुष्ठान का शुभारंभ, सीएम योगी ने की कलश स्थापना

गोरखपुर स्थित गोरक्षपीठ में शारदीय नवरात्र का शुभारंभ भव्य धार्मिक अनुष्ठानों और विधि-विधान के साथ हुआ। सोमवार प्रातः काल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जो गोरक्षपीठाधीश्वर भी हैं, ने परंपरा के अनुसार मां भगवती की पूजा-अर्चना कर कलश स्थापना की। इस पावन अवसर पर गोरक्षपीठ परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी और चारों ओर देवी दुर्गा के जयकारे गूंज उठे।
नवरात्र को सनातन धर्म में शक्ति उपासना का पर्व माना जाता है। गोरक्षपीठ की विशेषता यह है कि यहां हर वर्ष शारदीय और चैत्र नवरात्र में विशेष अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है, जो न केवल गोरखपुर बल्कि पूरे पूर्वांचल के धार्मिक माहौल को ऊर्जा से भर देता है। कलश स्थापना के बाद नौ दिनों तक मां दुर्गा की विभिन्न स्वरूपों की विधिवत पूजा की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूजा के दौरान प्रदेश और देशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि नवरात्र शक्ति की साधना और आत्मबल को मजबूत करने का पर्व है। गोरक्षपीठ ने हमेशा से सामाजिक सद्भाव, धार्मिक परंपरा और आध्यात्मिक उत्थान का संदेश दिया है। इस अवसर पर उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे नवरात्र के दौरान आत्मसंयम और सकारात्मक विचारधारा को अपनाएं।
गोरक्षपीठ परिसर में इस बार भी विशेष सजावट की गई है। मां दुर्गा की प्रतिमा को आकर्षक फूलों और विद्युत सज्जा से अलंकृत किया गया है। पूजा-पाठ में भाग लेने वाले भक्तों के लिए भजन-कीर्तन, आरती और सत्संग का भी आयोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त हर दिन विशेष हवन और दुर्गा सप्तशती का पाठ होगा।
गोरखपुर और आसपास के जिलों से आए हजारों श्रद्धालु इस अनुष्ठान में शामिल हो रहे हैं। भक्तों के लिए भोजन प्रसाद और आवास की व्यापक व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के मद्देनज़र प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
धार्मिक दृष्टि से नवरात्र का गोरक्षपीठ में विशेष महत्व है। यहां की परंपरा सैकड़ों वर्षों पुरानी है और हर बार शक्ति उपासना का यह पर्व अद्वितीय आध्यात्मिक वातावरण का निर्माण करता है। नवरात्र का यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में सकारात्मक ऊर्जा, नैतिक मूल्यों और संस्कारों के प्रचार-प्रसार का भी माध्यम बनता है।
आगामी नौ दिनों तक गोरक्षपीठ में भक्त मां दुर्गा की आराधना कर शक्ति, भक्ति और ज्ञान की प्राप्ति करेंगे। विजयादशमी के दिन यहां विशेष अनुष्ठान और रावण दहन का आयोजन होगा, जो गोरखपुर की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर का अहम हिस्सा है।
इस प्रकार गोरक्षपीठ में शुरू हुआ यह शारदीय नवरात्र अनुष्ठान पूरे क्षेत्र में आस्था, भक्ति और शक्ति की साधना का उत्सव बनकर श्रद्धालुओं को दिव्य अनुभूति प्रदान करेगा।



