गोरखपुर में बोले सीएम योगी: अब चीन से नहीं आती लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा, गोरखपुर के टेराकोटा से बन रहीं

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि अब दीपावली जैसे त्योहारों पर लक्ष्मी और गणेश की प्रतिमाएं चीन से नहीं बल्कि गोरखपुर के कारीगरों द्वारा बनाए गए टेराकोटा (मिट्टी के) शिल्प से तैयार की जा रही हैं। यह न सिर्फ आत्मनिर्भर भारत के विजन की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि स्थानीय कारीगरों के सम्मान और रोजगार को भी मजबूती दे रहा है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पहले लोग त्योहारों के दौरान चीन में बनी मूर्तियों को खरीदते थे, जिससे विदेशी उत्पादों को बढ़ावा मिलता था और हमारे कारीगरों की कला दब जाती थी। लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। गोरखपुर, खुर्जा, आजमगढ़ और मिर्जापुर जैसे जिलों में टेराकोटा उद्योग को सरकार ने प्रोत्साहन देकर नया जीवन दिया है। इन क्षेत्रों के हजारों कारीगर अब मिट्टी से सुंदर, पर्यावरण-अनुकूल और पारंपरिक डिजाइनों वाली मूर्तियां बना रहे हैं।
योगी ने बताया कि गोरखपुर के टेराकोटा उत्पाद अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी पहचान बना चुके हैं। यहां के उत्पाद “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP)” योजना के तहत देशभर में भेजे जा रहे हैं। दीपावली से पहले बाजारों में देसी मूर्तियों की मांग तेजी से बढ़ रही है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिल रहा है और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।
सीएम योगी ने जनता से अपील की कि इस दीपावली पर लोग ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को आगे बढ़ाते हुए स्वदेशी मूर्तियों और दीपों का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब हमें अपने पारंपरिक कारीगरों की कला और संस्कृति को पहचान देनी होगी। गोरखपुर का टेराकोटा उद्योग इस बात का उदाहरण है कि अगर सही दिशा और सहयोग मिले तो स्थानीय प्रतिभा विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना सकती है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने टेराकोटा शिल्पकारों को सम्मानित भी किया और कहा कि सरकार आगे भी इस उद्योग को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव प्रयास करती रहेगी।



