पराली जलाने पर सीएम योगी सख्त | अधिकारियों पर होगी कार्रवाई | यूपी में प्रदूषण नियंत्रण के सख्त निर्देश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पराली जलाने की घटनाओं को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में पराली जलाने की एक भी घटना सामने आने पर संबंधित क्षेत्र के अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और किसी भी कीमत पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सीएम योगी ने प्रशासनिक अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि वे किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक करें और उन्हें वैकल्पिक समाधान उपलब्ध कराएं। उन्होंने कृषि विभाग, राजस्व विभाग और पंचायती राज विभाग को संयुक्त रूप से अभियान चलाने का निर्देश दिया है ताकि किसानों को पराली प्रबंधन के आधुनिक तरीकों की जानकारी दी जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में पराली जलाने की शिकायत मिलती है, तो वहां के लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार और एसडीएम की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
योगी सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में पराली जलाने की समस्या पर काबू पाने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें मशीनों की सब्सिडी, कंबाइन हार्वेस्टर से निकले अवशेषों के प्रबंधन और बायोफ्यूल निर्माण जैसी पहलें शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसान पराली को जलाने के बजाय उसका सही तरीके से प्रबंधन करते हैं, तो इससे न केवल पर्यावरण की रक्षा होगी बल्कि किसानों को आर्थिक लाभ भी मिल सकता है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जिलास्तर पर निगरानी समितियां बनाएं और ड्रोन सर्वे के जरिए पराली जलाने की घटनाओं की पहचान करें। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण में लापरवाही करने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। सीएम योगी ने जनता से भी अपील की कि वे पर्यावरण की सुरक्षा को अपना कर्तव्य मानें और पराली जलाने जैसी हानिकारक गतिविधियों से दूर रहें।



