फील्ड में अधिकारियों की तैनाती पर CM योगी के सख्त निर्देश | परफॉर्मेंस आधारित पोस्टिंग का आदेश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर प्रशासनिक तंत्र को सख्त संदेश देते हुए स्पष्ट किया है कि अब प्रदेश में फील्ड में अधिकारियों की तैनाती केवल उनकी परफॉर्मेंस के आधार पर ही की जाएगी। मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि फील्ड में वही अधिकारी और कर्मचारी रहेंगे, जिनकी कार्यशैली जनहित और पारदर्शिता के अनुरूप होगी। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार जनता के लिए है, और किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अधिकारियों की तैनाती में किसी भी तरह की सिफारिश या पक्षपात नहीं चलेगा। जो अधिकारी अच्छा प्रदर्शन करेंगे, जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर करेंगे, उन्हें ही जिम्मेदारी भरे पद दिए जाएंगे। वहीं, जो अधिकारी जनता की उपेक्षा करते हैं या फील्ड में कामकाज में लापरवाही दिखाते हैं, उन्हें मुख्यालय से जोड़कर रखा जाएगा या उनकी जवाबदेही तय की जाएगी।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में शासन की कार्यप्रणाली पूरी तरह पारदर्शी और परिणाम आधारित होनी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अधिकारियों के आचरण का मूल्यांकन अब सिर्फ फाइलों में नहीं, बल्कि उनके फील्ड परफॉर्मेंस से होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के बीच जाकर काम करना, शिकायतों का निस्तारण करना और योजनाओं को धरातल पर उतारना ही असली प्रशासनिक योग्यता है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सभी जिलाधिकारियों और उपजिलाधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड विजिट करनी होगी। विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किए बिना रिपोर्ट स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से भागेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है। योगी सरकार की यह पहल प्रशासनिक दक्षता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जिससे प्रदेश में सुशासन और पारदर्शिता को नई ऊंचाइयां मिलेंगी।



