UPPCL स्मार्ट मीटर रिफंड में देरी पर आयोग नाराज, MD तलब

उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर की अतिरिक्त वसूली गई धनराशि उपभोक्ताओं को वापस करने में देरी पर विद्युत नियामक आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने UPPCL और बिजली वितरण कंपनियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए सभी कंपनियों के प्रबंध निदेशकों को तलब किया है।
आयोग के निर्देश के अनुसार स्मार्ट मीटर की निर्धारित लागत से अधिक वसूली गई रकम उपभोक्ताओं को वापस की जानी है। सिंगल फेज मीटर की निर्धारित लागत 2,800 रुपये और थ्री फेज मीटर की लागत 4,100 रुपये तय की गई थी। इससे अधिक वसूली गई राशि की वापसी के निर्देश दिए गए थे।
UPPCL की ओर से आयोग को बताया गया कि 93,138 उपभोक्ताओं को कुल 33.22 करोड़ रुपये वापस किए जाने थे। इनमें से करीब 30.86 करोड़ रुपये उपभोक्ताओं के बिलों में समायोजित किए जा चुके हैं, जबकि लगभग 2.36 करोड़ रुपये की धनराशि अभी लौटाई जानी बाकी है।
वहीं, उपभोक्ता परिषद ने दावा किया है कि वास्तविक लाभार्थियों की संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। परिषद के अनुसार सितंबर से दिसंबर 2025 के बीच बड़ी संख्या में नए बिजली कनेक्शन जारी हुए थे, इसलिए सभी संबंधित उपभोक्ताओं से अतिरिक्त वसूली की जांच कर धनराशि वापस की जानी चाहिए।
स्मार्ट मीटर की अतिरिक्त कीमत को लेकर पहले भी उपभोक्ताओं की ओर से सवाल उठते रहे हैं। अब आयोग की सख्ती के बाद बिजली कंपनियों पर लंबित धनराशि जल्द वापस करने और अनुपालन की स्पष्ट जानकारी देने का दबाव बढ़ गया है।



