उत्तर प्रदेशप्रयागराज

प्रियंका गांधी को इलाहाबाद सीट से उम्मीदवार बनाए जाने की मांग, कार्यकर्ताओं ने पोस्टर पर लिखा- ‘चलो बुलावा आया है, घरवालों ने बुलाया है.’

प्रयागराज : जिले में प्रियंका गांधी वाड्रा को इलाहाबाद संसदीय सीट से लोकसभा चुनाव 2024 लड़ाने की मांग कांग्रेस कार्यकर्ता उठा रहे हैं. कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने प्रियंका गांधी को इलाहाबाद संसदीय सीट से उम्मीदवार बनाए जाने की मांग को लेकर पोस्टर लगाया है. यह पोस्टर आनंद भवन के बाहर कांग्रेसी नेताओं ने लगाया है. जिसमें लिखा है कि ‘चलो बुलावा आया है, घरवालों ने बुलाया है.’ पोस्टर लगाने वाले कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि नेहरू-गांधी परिवार का अस्तित्व इसी शहर से है. प्रियंका गांधी वाड्रा को यहां से लोकसभा चुनाव लड़कर अपनी विरासत को संभालना चाहिए. आनंद भवन के बाहर लगाए गए पोस्टर में प्रियंका गांधी वाड्रा और राहुल गांधी के साथ सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव की भी तस्वीर है. नीचे पोस्टर में लिखा है कि ‘प्रियंका गांधी वाड्रा को प्रयागराज से लोकसभा का प्रत्याशी बनाया जाए.’

चुनाव लड़ाने की मांग : दरअसल, लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर प्रयागराज सीट गठबंधन के तहत कांग्रेस के खाते में आई है. कई दावेदारों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है. इसी बीच स्थानीय कांग्रेसी नेता पोस्टर के जरिए प्रियंका गांधी वाड्रा को यहां से चुनाव लड़ाने की मांग कर रहें हैं. हालांकि, यह कोई पहली बार नहीं है जब प्रियंका गांधी वाड्रा को प्रयागराज से चुनावी मैदान में उतरने की मांग की गई है. इसके पहले भी स्थानीय कार्यकर्ता गांधी परिवार के सदस्य को यहां से चुनाव लड़ाने की मांग कर चुके हैं. दरअसल, राजनीतिक विरासत के रूप में इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र बहुत महत्वपूर्ण है. इलाहाबाद संसदीय सीट ने देश को बड़ी राजनीतिक शख्सियतें दी हैं. जनपद वार लोकसभा निर्वाचन सीट की बात करें तो प्रयागराज जिले में फूलपुर और इलाहाबाद लोकसभा सीट के अलावा भदोही लोकसभा में भी हिस्सेदारी है.

प्रयागराज पर ज्यादा जोर

देश की राजनीति में प्रयागराज का नाम काफी अहम है. इसीलिए इस पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है. प्रयागराज ने देश को पहला प्रधानमंत्री देने के साथ ही कई मुख्यमंत्री और राज्यपाल दिया है. अभी यहां बीजेपी के टिकट पर रीता बहुगुणा जोशी सांसद हैं. वह इलाहाबाद सीट से मुरली मनोहर जोशी और श्यामचरण गुप्ता की विरासत को संभाल रही हैं. राजनीतिक विरासत के रूप में इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र बहुत महत्वपूर्ण है. इलाहाबाद संसदीय सीट ने देश को बड़ी राजनीतिक शख्सियतें दी हैं. जनपद वार लोकसभा निर्वाचन सीट की बात करें तो प्रयागराज जिले में फूलपुर और इलाहाबाद लोकसभा सीट के अलावा भदोही लोकसभा में भी हिस्सेदारी है. प्रयागराज ने स्वतंत्रता के बाद देश को सबसे बड़ी संख्या में प्रधानमंत्री दिया. जिसमें जवाहर लाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, वीपी सिंह के साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर और गुलजारी लाल नन्दा भी इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र थे. वहीं, वर्तमान में इलाहाबाद लोकसभा सीट से रीता बहुगुणा जोशी सांसद हैं. 2019 में भाजपा के टिकट पर रीता बहुगुणा जोशी चुनाव जीतीं थीं.

राहुल-प्रियंका के साथ अखिलेश यादव की तस्वीर लगाई

पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से लगाए गए पोस्टर में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ ही सपा मुखिया अखिलेश यादव की भी तस्वीर लगाई गयी है. जबकि, पोस्टर के ऊपरी हिस्से में सोनिया गांधी के साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और यूपी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय समेत जिल स्तर में नेताओं की तस्वीर भी लगाई गई है. वहीं, इस पोस्टर में समाजवादी पार्टी के संरक्षक रहे मुलायम सिंह यादव की भी तस्वीर लगी हुई है. उस तस्वीर के नीचे नेताजी अमर रहे का नारा लिखा गया है. साथ ही, इस पोस्टर में कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और उपनेता सदन प्रमोद तिवारी और यूपी की नेता विधान मंडल दल आराधना मिश्रा मोना की भी फ़ोटो लगी हुई है. पोस्टर में प्रियंका गांधी को इलाहाबाद संसदीय सीट से उम्मीदवार बनाने की मांग करने वाले स्थानीय नेताओं की भी तस्वीरें लगाई गई हैं. पोस्टर लगाने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रयागराज के नेहरू गांधी खानदान का पैतृक शहर है. इसके साथ ही स्वराज भवन और आनंद भवन देश की आजादी का प्रमुख केंद्र भी रहा है. कई दशक से नेहरू-गांधी खानदान से जुड़े किसी नेता ने प्रयागराज शहर से चुनाव नहीं लड़ा है.

कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रियंका गांधी वाड्रा के इलाहाबाद संसदीय सीट से चुनाव लड़ने से जहां पूरे प्रदेश में कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनेगा. वहीं, दशकों से इलाहाबाद संसदीय सीट पर कांग्रेस जीत दर्ज कर सकती है. इससे पहले 1984 में कांग्रेस की टिकट पर इलाहाबाद संसदीय सीट से मिलेनियम स्टार अमिताभ बच्चन ने चुनाव जीता था. उसके बाद से कांग्रेस का कोई भी नेता इस सीट से चुनाव नहीं जीत सका है.

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