जौनपुर दौरे पर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक | विकास कार्यों की समीक्षा और अधिकारियों से फीडबैक

उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने जौनपुर जिले का दौरा किया और यहां लगभग पांच घंटे रुककर विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जिले में चल रही योजनाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, सड़क निर्माण, पेयजल व्यवस्था और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत जानकारी ली। डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी विकास परियोजना में लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता के हित में शुरू की गई योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक समय से पहुँचना चाहिए।
जौनपुर दौरे के दौरान डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने स्थानीय प्रशासन और विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर विशेष जोर देते हुए कहा कि अस्पतालों में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, दवाइयों और उपकरणों की कमी जैसी शिकायतें कतई नहीं होनी चाहिए। शिक्षा के क्षेत्र में भी उन्होंने स्कूलों की स्थिति का फीडबैक लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
सड़क निर्माण और बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों पर भी डिप्टी सीएम ने अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी। उन्होंने कहा कि जौनपुर सहित पूरे पूर्वांचल में कनेक्टिविटी को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि लोगों को यात्रा और परिवहन में किसी प्रकार की समस्या न हो। पेयजल आपूर्ति की समीक्षा करते हुए उन्होंने साफ कहा कि हर गांव और मोहल्ले में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
कानून-व्यवस्था पर चर्चा करते हुए डिप्टी सीएम ने पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि आम जनता की समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार अपराध पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी।
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने जनता से भी संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार जनता की भलाई और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है। उनका स्पष्ट संदेश था कि विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए।
जौनपुर दौरे ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया कि सरकार अपने मिशन ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को पूरा करने के लिए गंभीर है। डिप्टी सीएम की समीक्षा से अधिकारियों को भी यह स्पष्ट संकेत मिला कि कार्य में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। उनका यह दौरा न केवल योजनाओं की प्रगति का आकलन करने के लिए था, बल्कि अधिकारियों को प्रेरित करने और जनता को भरोसा दिलाने का भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।



