विकसित भारत‑विकसित उत्तर प्रदेश‑2047: यूपी विधानसभा का 24‑घंटे विशेष सत्र

उत्तर प्रदेश सरकार ने आगामी मानसून सत्र में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए ‘विकसित भारत‑विकसित उत्तर प्रदेश‑2047’ विजन प्लान पर 24‑घंटे का विशेष सत्र आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह सत्र 11 अगस्त 2025 से शुरू होकर अगले दिन तक राज्य के दीर्घकालीन विकास की रूपरेखा तय करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस चर्चा को प्रदेश के भविष्य की दिशा निर्धारित करने वाला महत्वपूर्ण मंच बताया है।
इस मौके पर सभी विभागों को अपने पिछले आठ वर्षों की प्रमुख उपलब्धियों का संक्षिप्त लेकिन सारगर्भित विवरण तैयार कर विधानसभा में जनता के प्रति पारदर्शी प्रस्तुति देने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों से सकारात्मक अंदाज में अपनी उपलब्धियाँ साझा करने और जिम्मेदारी से संवाद कायम रखने की अपेक्षा की है।
जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने QR code आधारित सुझाव प्रणाली लागू करने की योजना बनाई है। यह QR कोड सरकारी कार्यालयों, पंचायत भवनों, अस्पतालों और बस स्टेशनों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर लगाया जाएगा, जिससे आम नागरिक भी विजन डॉक्यूमेंट में अपनी राय शामिल कर सकें। जान‑पहचान से लेकर आम जनता तक इस प्रक्रिया की पहुँच सुनिश्चित करने की सरकार की मंशा स्पष्ट है।
विधानसभा में पूछे गए सवालों का जवाब उच्च गुणवत्ता वाला, सटीक और सत्यापन योग्य होने चाहिए। वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत रूप से इन उत्तरों की समीक्षा करेंगे, ताकि कार्यवाही में गंभीरता और जवाबदेही बनी रहे।
सत्र के दौरान सरकार ने बाढ़‑प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्यों की तत्परता पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया है। कंट्रोल रूम 24‑घंटे सक्रिय रहेंगे, राहत सामग्री को गुणवत्तापूर्ण बनाया जाएगा, और नौकाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित होगी—इस पूर्व तैयारी से राज्य की संवेदनशीलता स्पष्ट होती है।
यह 24‑घंटे विशेष सत्र न केवल विकास की योजनाओं पर पारदर्शी संवाद का अवसर प्रदान करता है, बल्कि जनता को शासन में सक्रिय भागीदार बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। ‘विकसित भारत‑विकसित उत्तर प्रदेश‑2047’ विजन डॉक्यूमेंट से प्रदेश के युवाओं, किसानों, ग्रामीणों, व्यापारियों और सभी वर्गों का जीवन समृद्ध, संतुलित और न्यायसंगत बने—इसी व्यापक दृष्टि का यह सत्र प्रतीक बनकर उभर रहा है।



