आम निर्यात बाधाएं दूर करने पर जोर, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का बयान

Anandiben Patel ने क्रेता-विक्रेता सम्मेलन के दौरान आम के निर्यात से जुड़ी समस्याओं को दूर करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों और निर्यातकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करके कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना आसान बनाया जा सकता है।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि गुणवत्ता मानकों, पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी बाधाओं को कम करने पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि उत्तर प्रदेश के आम वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकें। इससे किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रयासों से राज्य के बागवानी क्षेत्र को नई दिशा मिल सकती है और निर्यात आधारित कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
Anandiben Patel ने यह भी कहा कि किसानों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि उनके उत्पाद वैश्विक बाजार में आसानी से स्वीकार किए जा सकें। उन्होंने कृषि विश्वविद्यालयों और संबंधित विभागों को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश देने पर जोर दिया।
सम्मेलन में मौजूद व्यापारियों और निर्यातकों ने भी सुझाव दिया कि निर्यात प्रक्रिया को सरल बनाने, कागजी कार्यवाही को कम करने और बंदरगाह तक बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने से आम के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, छोटे किसानों को भी सीधे निर्यात चैनल से जोड़ने की मांग रखी गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन सुझावों पर प्रभावी रूप से काम किया जाए तो Uttar Pradesh का आम उत्पादन वैश्विक बाजार में और मजबूत पहचान बना सकता है, जिससे राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।



