कमजोर मानसून, फसल बीमा पर जोर

उत्तर प्रदेश में इस वर्ष सामान्य से कमजोर मानसून की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने किसानों के हित में फसल सुरक्षा पर विशेष जोर दिया है। कृषि विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि अधिक से अधिक किसानों को 31 जुलाई तक फसल बीमा योजना से जोड़ा जाए, ताकि प्राकृतिक आपदा या मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों से होने वाले नुकसान की भरपाई की जा सके।
सरकार के अनुसार, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पात्र किसान निर्धारित अंतिम तिथि तक आवेदन कर अपनी खरीफ फसलों का बीमा करा सकते हैं। इसके लिए कृषि विभाग, बैंक और संबंधित एजेंसियों को व्यापक जागरूकता अभियान चलाने तथा समय पर आवेदन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मानसून सामान्य से कमजोर रहता है या वर्षा का वितरण असमान होता है, तो धान, मक्का, दलहन और अन्य खरीफ फसलों पर असर पड़ सकता है। ऐसे में फसल बीमा किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम साबित हो सकता है।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते आवश्यक दस्तावेजों के साथ फसल बीमा की प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि किसी भी अप्रत्याशित मौसमीय नुकसान की स्थिति में उन्हें योजना का लाभ मिल सके।
अस्वीकरण: यह जानकारी सरकारी निर्देशों और कृषि विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों पर आधारित है। फसल बीमा की पात्रता, प्रीमियम और अंतिम तिथि संबंधित अधिसूचनाओं के अनुसार लागू होगी।



