पर्यटन विकास के 12 बड़े प्रोजेक्ट केन्द्र के समक्ष पेश, बौद्ध सर्किट और आईकोनिक डेस्टिनेशन पर फोकस

उत्तर प्रदेश में पर्यटन विकास को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने केन्द्र सरकार के समक्ष पर्यटन विकास से जुड़े 12 बड़े प्रोजेक्ट पेश किए हैं। इन प्रोजेक्ट्स का मुख्य उद्देश्य राज्य को सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन का वैश्विक केंद्र बनाना है। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इन योजनाओं में विशेष रूप से बौद्ध सर्किट, किले और प्रासाद योजना, तथा आइकोनिक डेस्टिनेशन के विकास पर फोकस किया गया है।
उत्तर प्रदेश धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों से समृद्ध राज्य है। यह प्रदेश भगवान राम और कृष्ण की जन्मभूमि होने के साथ-साथ भगवान बुद्ध की तपोभूमि भी है। हर साल लाखों की संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु और पर्यटक यहां आते हैं। ऐसे में सरकार ने यह सुनिश्चित करने की पहल की है कि पर्यटन अवसंरचना को आधुनिक रूप दिया जाए ताकि पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।
बौद्ध सर्किट पर विशेष ध्यान
कुशीनगर, सारनाथ, श्रावस्ती और कौशांबी जैसे स्थल अंतरराष्ट्रीय महत्व के बौद्ध तीर्थ स्थान हैं। यहां न केवल एशियाई देशों से बल्कि यूरोप और अमेरिका से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। सरकार ने बौद्ध सर्किट को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने की योजना केन्द्र के समक्ष रखी है। इसमें सड़क संपर्क, होटल, रिसॉर्ट और सांस्कृतिक केंद्रों का विकास शामिल है।
किले और प्रासाद योजना
उत्तर प्रदेश में ऐतिहासिक किले और प्राचीन प्रासादों की संख्या काफी अधिक है। लेकिन वर्षों से इन धरोहरों की उपेक्षा होती रही है। अब सरकार ने इन्हें हेरिटेज टूरिज्म से जोड़ने का निर्णय लिया है। इससे न केवल इन धरोहरों का संरक्षण होगा बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। पर्यटन प्रेमियों को किलों और प्रासादों के माध्यम से भारत के गौरवशाली अतीत की झलक मिलेगी।
आइकोनिक डेस्टिनेशन और आधुनिक पर्यटन
सरकार का उद्देश्य कुछ चुनिंदा स्थलों को आइकोनिक डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करना है। इनमें धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक स्थलों को शामिल किया जाएगा। वाराणसी, अयोध्या और मथुरा जैसे स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ते हुए वैश्विक स्तर पर आकर्षण का केंद्र बनाया जाएगा।
रोजगार और आर्थिक वृद्धि की संभावना
इन परियोजनाओं के लागू होने से न केवल पर्यटन का दायरा बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन और हस्तशिल्प उद्योग को सीधा लाभ मिलेगा। इसके साथ ही विदेशी पर्यटकों की बढ़ती आमद से विदेशी मुद्रा अर्जन भी बढ़ेगा।
जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पर्यटन विकास को मिशन मोड में लेकर चल रही है। केन्द्र से सहयोग मिलने पर प्रदेश आने वाले वर्षों में पर्यटन मानचित्र पर देश ही नहीं बल्कि विश्व के सबसे प्रमुख स्थलों में अपनी पहचान बनाएगा।



