झांसी पहुंचीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल | बुंदेलखंड विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह व समीक्षा बैठक

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल झांसी पहुंचीं, जहां उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को उपाधि और मेडल प्रदान किए गए। दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने युवाओं को संबोधित करते हुए शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला और उन्हें समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने का आधार है।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने संबोधन में विशेष रूप से बेटियों की शिक्षा पर बल देते हुए कहा कि किसी भी समाज का वास्तविक विकास तभी संभव है, जब उसमें महिला शिक्षा और सहभागिता को बराबरी का दर्जा मिले। उन्होंने छात्र-छात्राओं को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने तथा नवाचार और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम के बाद राज्यपाल ने झांसी में आयोजित समीक्षा बैठक में भी हिस्सा लिया। इस बैठक में उन्होंने बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। राज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक बैठे लोगों को समय पर मिले और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने विशेष रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला कल्याण और कृषि से जुड़े कार्यक्रमों पर तेज़ी से काम करने पर जोर दिया।
समीक्षा बैठक के दौरान राज्यपाल ने जनहित से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा की और कहा कि बुंदेलखंड क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है, लेकिन यहां की चुनौतियों का समाधान केवल योजनाओं के सही क्रियान्वयन से संभव है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि विकास योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना बेहद आवश्यक है।
झांसी दौरे के दौरान राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के साथ संवाद भी किया और उनकी समस्याओं एवं सुझावों को सुना। उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनाना है।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का यह दौरा बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे न केवल विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को प्रेरणा मिली है, बल्कि क्षेत्रीय विकास कार्यों की गति भी तेज होने की उम्मीद है।



