यूपी परिवहन निगम के आउटसोर्स कर्मचारियों का मानदेय 5% बढ़ा

उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने इनके मानदेय में जुलाई 2026 से पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। परिवहन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर सिंह ने बताया कि यह वृद्धि कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखाकार कम टैली ऑपरेटर और प्रोग्रामर पदों पर कार्यरत कार्मिकों को दी जाएगी।
परिवहन निगम में आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में हर साल कुल 10 प्रतिशत वृद्धि का प्रावधान है। इसके तहत जनवरी में पांच प्रतिशत और जुलाई में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाती है। इसी व्यवस्था के तहत जुलाई 2026 से कर्मचारियों को बढ़ा हुआ मानदेय मिलेगा।
इस फैसले का लाभ निगम में कार्यरत 249 कंप्यूटर ऑपरेटरों को मिलेगा। इनका मानदेय करीब 20,655 रुपये से बढ़कर 21,420 रुपये हो जाएगा। वहीं लेखाकार कम टैली ऑपरेटर के 35 कार्मिकों के मानदेय में भी बढ़ोतरी होगी, जो वरिष्ठता के अनुसार करीब 20 हजार से 26 हजार रुपये तक बताया गया है।
प्रोग्रामर पद पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए भी मानदेय बढ़ाया गया है। इस पद पर कार्यरत 26 कार्मिकों का मानदेय करीब 42,000 रुपये से बढ़कर 43,313 रुपये तक हो जाएगा। इस तरह विभिन्न पदों पर काम कर रहे आउटसोर्स कर्मियों को सीधे आर्थिक लाभ मिलेगा।
परिवहन मंत्री के अनुसार आउटसोर्स कर्मचारी परिवहन निगम की सेवाओं को सुचारु, आधुनिक और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मानदेय में नियमित वृद्धि से कर्मचारियों को आर्थिक मजबूती मिलने के साथ काम के प्रति उत्साह और प्रतिबद्धता बढ़ने की उम्मीद है।
सरकार के इस निर्णय से परिवहन निगम के सैकड़ों आउटसोर्स कार्मिकों को राहत मिलेगी। खास तौर पर तकनीकी और कंप्यूटर आधारित कार्यों से जुड़े कर्मचारियों के लिए यह बढ़ोतरी महत्वपूर्ण है। नियमित अंतराल पर मानदेय में वृद्धि से कर्मचारियों को आर्थिक संबल मिलने की उम्मीद है।



