‘प्रकृति के बीच जाएं तो जिज्ञासु विद्यार्थी बन जाएं’, सीएम योगी ने प्रदेशवासियों को लिखी पाती

मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने प्रदेशवासियों के नाम लिखी अपनी विशेष ‘पाती’ में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि जब भी वे प्रकृति के बीच जाएं, तो एक जिज्ञासु विद्यार्थी की तरह उसे समझने और उससे सीखने का प्रयास करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति केवल सौंदर्य का स्रोत नहीं है, बल्कि वह जीवन, संतुलन और सतत विकास की सबसे बड़ी शिक्षक भी है। पेड़-पौधे, नदियां, वन्यजीव और प्राकृतिक संसाधन हमें सहअस्तित्व, अनुशासन और संरक्षण का संदेश देते हैं।
उन्होंने नागरिकों, विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होने की अपील की। उनका कहना था कि प्रकृति के साथ जुड़ाव न केवल मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने में भी मदद करता है।
पाती में पर्यावरणीय चुनौतियों, जल संरक्षण, हरित आवरण बढ़ाने और स्वच्छता के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। मुख्यमंत्री ने समाज के सभी वर्गों से इन प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया।
सीएम योगी का यह संदेश प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और सीखने की संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ संवाद हमें जीवन के कई महत्वपूर्ण पाठ सिखा सकता है और समाज को अधिक संवेदनशील तथा जागरूक बना सकता है।



