लखनऊ में अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 119 गिरफ्तार

लखनऊ में पुलिस और साइबर क्राइम एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह गिरोह देश-विदेश के लोगों को ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाकर 250 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी को अंजाम दे चुका था। इस बड़े अभियान के दौरान 119 साइबर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, जबकि मौके से बड़ी संख्या में कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन, सर्वर, सिम कार्ड, बैंक दस्तावेज और अन्य डिजिटल उपकरण भी बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी फर्जी तकनीकी सहायता, निवेश, बैंकिंग और अन्य ऑनलाइन सेवाओं के नाम पर लोगों को झांसा देकर उनसे पैसे ऐंठते थे।
जांच एजेंसियां अब आरोपियों के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, बैंक खातों, डिजिटल लेनदेन और विदेशी संपर्कों की भी जांच कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, गिरोह आधुनिक तकनीक और इंटरनेट आधारित प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर कई देशों के लोगों को निशाना बनाता था। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। इस कार्रवाई को राज्य में साइबर अपराध के खिलाफ अब तक के सबसे बड़े अभियानों में से एक माना जा रहा है। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, ई-मेल, निवेश प्रस्ताव या ऑनलाइन लिंक पर बिना पुष्टि किए भरोसा न करें और साइबर ठगी की आशंका होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।



