रक्षाबंधन पर बच्ची की जिद पर CM योगी ने खाई मिठाई, राखी बंधवाई और ली सेल्फी; लोगों से स्वदेशी सामान खरीदने की अपील

रक्षाबंधन का त्योहार देशभर में प्रेम, स्नेह और भाई-बहन के रिश्ते की मजबूती का प्रतीक माना जाता है। इस बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस पावन अवसर पर खास अंदाज़ में नजर आए। लखनऊ में आयोजित एक रक्षाबंधन कार्यक्रम के दौरान एक छोटी बच्ची की जिद ने माहौल को भावुक भी किया और मुस्कुराने पर मजबूर भी।
कार्यक्रम के दौरान जब बच्चियों ने मुख्यमंत्री योगी को राखी बांधी, तो एक बच्ची ने उनसे मिठाई खाने की जिद कर दी। पहले तो योगी आदित्यनाथ मुस्कराए, लेकिन जब बच्ची ने बार-बार आग्रह किया, तो उन्होंने मिठाई का एक टुकड़ा खाकर उसकी खुशी पूरी की। इस सुंदर पल की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं, और लोग इसे “मानवीय चेहरे वाला योगी” बता रहे हैं।
इतना ही नहीं, बच्ची ने मुख्यमंत्री से सेल्फी लेने की इच्छा भी जताई, जिसे योगी आदित्यनाथ ने खुशी-खुशी स्वीकार किया। उन्होंने बच्ची के साथ सेल्फी ली और उसे आशीर्वाद भी दिया। इस दौरान वहां मौजूद लोग तालियों से माहौल को और भी खुशनुमा बना रहे थे।
मुख्यमंत्री योगी ने इस अवसर पर रक्षाबंधन का संदेश देते हुए एक महत्वपूर्ण अपील भी की। उन्होंने कहा:
“त्योहारों के समय हमें स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देनी चाहिए। चाहे वह थोड़ा महंगा हो, लेकिन अगर हम स्वदेशी खरीदते हैं तो देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है, और हमारे कारीगरों को रोजगार मिलता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि आज का समय आत्मनिर्भर भारत का है और त्योहार जैसे रक्षाबंधन इसका आदर्श अवसर हैं जब हम अपने घर में उपयोग होने वाले हर उत्पाद को सोच-समझकर चुन सकते हैं। उन्होंने राखी, मिठाई, सजावट के सामान और उपहार तक में ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना अपनाने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में महिलाएं और बच्चियां अब आत्मनिर्भर हो रही हैं। सरकार ने महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया है और लाखों महिलाओं को रोज़गार उपलब्ध कराया है। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि समाज को बेटियों की सुरक्षा और सम्मान के प्रति सजग रहना चाहिए, क्योंकि यही रक्षाबंधन का असली संदेश है।
रक्षाबंधन के इस अवसर पर योगी आदित्यनाथ का यह सादगी भरा और प्रेरणादायक रूप लोगों के दिलों को छू गया। सोशल मीडिया पर भी उनकी मिठाई खाते और बच्चियों के साथ मुस्कुराते हुए तस्वीरों को लोग खूब शेयर कर रहे हैं।
इस घटना ने यह साफ कर दिया कि राजनीतिक नेता जब जनता से सीधे जुड़ते हैं और परंपराओं को सम्मान देते हैं, तो वह सिर्फ नेताओं नहीं, बल्कि लोगों के अपने बन जाते हैं।



