फार्मासिस्टों ने पदनाम-वेतनमान बदलाव की मांग उठाई

उत्तर प्रदेश के सरकारी फार्मासिस्टों ने पदनाम और वेतनमान में संशोधन की मांग को लेकर अपनी मुहिम तेज कर दी है। फार्मासिस्ट संगठनों के प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक (DG) को ज्ञापन सौंपते हुए सरकार से उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया है।
फार्मासिस्टों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में उनकी भूमिका समय के साथ काफी विस्तृत हुई है, लेकिन पदनाम और वेतनमान में अपेक्षित बदलाव नहीं किए गए हैं। उनका तर्क है कि वर्तमान जिम्मेदारियों और कार्यभार के अनुरूप सेवा शर्तों में सुधार किया जाना चाहिए।
ज्ञापन में पदनाम परिवर्तन, वेतनमान पुनरीक्षण और सेवा से जुड़े अन्य मुद्दों को भी शामिल किया गया है। संगठनों का कहना है कि लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान के लिए सरकार को सकारात्मक पहल करनी चाहिए।
फार्मासिस्ट स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी माने जाते हैं। सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं के प्रबंधन, वितरण और मरीजों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने में उनकी अहम भूमिका होती है। ऐसे में वे अपने कार्य की प्रकृति के अनुरूप सुविधाएं और मान्यता मिलने की मांग कर रहे हैं।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो भविष्य में आंदोलन की रणनीति भी बनाई जा सकती है। हालांकि फिलहाल उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी इस मुद्दे पर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। फार्मासिस्टों को उम्मीद है कि सरकार और विभाग उनकी मांगों पर विचार कर उचित निर्णय लेगा।
फिलहाल यह मामला स्वास्थ्य विभाग और कर्मचारी



