यूपी में 4 साल से उप खनिजों की रॉयल्टी अटकी, PWD ठेकेदारों ने CM योगी से लगाई गुहार

उत्तर Pradesh में उप खनिजों की रॉयल्टी का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। लोक निर्माण विभाग (PWD) से जुड़े ठेकेदारों का कहना है कि उप खनिजों की रॉयल्टी से संबंधित भुगतान और समायोजन की प्रक्रिया पिछले चार वर्षों से लंबित है, जिससे कई निर्माण परियोजनाओं और ठेकेदारों को वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ठेकेदारों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की मांग करते हुए अनुरोध किया है कि संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर लंबित मामलों का जल्द निस्तारण कराया जाए। उनका कहना है कि समय पर रॉयल्टी संबंधी मामलों का समाधान होने से विकास कार्यों की गति तेज होगी और ठेकेदारों पर बढ़ रहे आर्थिक दबाव में भी कमी आएगी।
ठेकेदारों का यह भी कहना है कि सड़क, पुल और अन्य सार्वजनिक निर्माण परियोजनाओं में उप खनिजों का व्यापक उपयोग होता है। ऐसे में रॉयल्टी से जुड़े मामलों के लंबित रहने का असर परियोजनाओं की प्रगति और भुगतान प्रक्रिया पर भी पड़ सकता है।
अब संबंधित विभागों और राज्य सरकार के स्तर पर इस मुद्दे पर क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर निर्माण क्षेत्र और ठेकेदारों की नजर बनी हुई है। यदि लंबित मामलों का समयबद्ध समाधान होता है तो इससे अधूरी परियोजनाओं को गति मिलने और बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।



