विकसित उत्तर प्रदेश” की दिशा में ECCE पर राज्य स्तरीय परामर्श बैठक का आयोजन

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा “विकसित उत्तर प्रदेश” के संकल्प को साकार करने की दिशा में शिक्षा के क्षेत्र में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन (ECCE) यानी बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और समन्वय के लिए राज्य स्तरीय परामर्श बैठक का आयोजन किया गया।
यह बैठक राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अंतर्गत ECCE को मजबूती देने के उद्देश्य से बुलाई गई थी, जिसमें शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, पंचायती राज और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों, शिक्षा विशेषज्ञों और बाल विकास से जुड़े संगठनों ने भाग लिया। बैठक का मूल उद्देश्य समन्वित प्रयासों से 3-6 वर्ष की आयु के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराना था।
बैठक में वक्ताओं ने यह स्पष्ट किया कि ECCE किसी एक विभाग की ज़िम्मेदारी नहीं बल्कि समूची व्यवस्था की साझा जिम्मेदारी है। यदि प्रारंभिक शिक्षा के क्षेत्र में ठोस सुधार लाया जाए तो न केवल शैक्षणिक आधार मजबूत होगा, बल्कि सामाजिक विकास, स्वास्थ्य और मानसिक मजबूती जैसे क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय परिणाम सामने आएंगे।
ECCE पर चर्चा करते हुए प्रमुख वक्ताओं ने कहा कि बच्चों की शुरुआती शिक्षा और पोषण उनके संपूर्ण विकास की नींव है। यदि इस स्तर पर उचित निवेश और प्रयास किए जाएं, तो भविष्य में एक सशक्त, आत्मनिर्भर और शिक्षित समाज की कल्पना साकार हो सकती है। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आंगनवाड़ी केंद्रों को और अधिक सशक्त बनाते हुए उन्हें ECCE के केंद्रबिंदु के रूप में विकसित किया जाएगा।
इसके साथ ही ECCE के लिए राज्य स्तर पर एक एकीकृत योजना बनाने और उसे ज़मीनी स्तर तक प्रभावी रूप से लागू करने पर ज़ोर दिया गया। बैठक में विभिन्न जिलों से प्राप्त फीडबैक और स्थानीय चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श हुआ, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि योजनाएँ स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार लचीली और प्रभावशाली हों।
बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि ECCE के शिक्षकों, विशेष रूप से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और प्राथमिक शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाए ताकि वे बच्चों की शिक्षा को खेल आधारित और सहज बना सकें। इसके अलावा, अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाने और सामुदायिक सहयोग सुनिश्चित करने की रणनीतियाँ भी तैयार की गईं।
निष्कर्षतः, यह राज्य स्तरीय परामर्श बैठक “विकसित उत्तर प्रदेश” की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध हुई। ECCE को नीति, क्रियान्वयन और समाज के हर स्तर पर प्राथमिकता देने का जो संदेश इस बैठक से निकला, वह निश्चित रूप से प्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
शिक्षित बालक, सक्षम राष्ट्र — ECCE से सशक्त उत्तर प्रदेश की ओर एक मजबूत कदम।



