प्रदेश के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने सम्पूर्णानन्द कारागार प्रशिक्षण संस्थान में दीक्षांत परेड का किया मान-प्रणाम

उत्तर प्रदेश के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने लखनऊ स्थित डॉ. सम्पूर्णानन्द कारागार प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित दीक्षांत परेड का मान-प्रणाम ग्रहण कर एक नई परंपरा को सशक्त संदेश दिया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कारागार विभाग के अधिकारियों और प्रशिक्षु जवानों की शौर्यपूर्ण परेड ने सभी का मन मोह लिया। मंत्री दारा सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि प्रशिक्षु कारागार कर्मियों की यह दीक्षांत परेड न केवल उनके कठोर परिश्रम और अनुशासन का प्रतीक है, बल्कि यह समाज में सुरक्षा, सेवा और सुधार की भावना को भी प्रदर्शित करती है।
कार्यक्रम में मंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि कारागार विभाग केवल अपराधियों को दंड देने का माध्यम नहीं है, बल्कि उन्हें सुधार कर मुख्यधारा से जोड़ने का एक सशक्त साधन भी है। आज की दुनिया में जेल प्रशासन की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है क्योंकि अपराधियों के मनोवैज्ञानिक सुधार और पुनर्वास को भी प्रमुखता दी जाती है। इसी क्रम में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे ये जवान भविष्य में कारागारों को अनुशासित, सुरक्षित और सुधारपरक वातावरण देने में अहम भूमिका निभाएंगे।
डॉ. सम्पूर्णानन्द कारागार प्रशिक्षण संस्थान लंबे समय से उत्तर प्रदेश सरकार की जेल सुधार और कारागार प्रबंधन नीतियों का केंद्र रहा है। यहां प्रशिक्षित होने वाले कारागार कर्मियों को आधुनिक सुरक्षा तकनीकों, मानवाधिकारों, अपराध मनोविज्ञान और सुधारात्मक गतिविधियों के बारे में गहन प्रशिक्षण दिया जाता है। मंत्री ने कहा कि इस संस्थान के प्रशिक्षु कर्मी आने वाले समय में प्रदेश की कारागार प्रणाली को और अधिक सशक्त, मानवीय और पारदर्शी बनाने में योगदान देंगे।
दीक्षांत परेड में शामिल अधिकारियों ने भी अपने विचार साझा किए और कारागार विभाग की उपलब्धियों तथा भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान नवप्रशिक्षित कर्मियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित भी किया गया।
मंत्री दारा सिंह चौहान ने इस मौके पर प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कारागार विभाग को तकनीकी दृष्टि से सक्षम बनाने के साथ-साथ कैदियों के पुनर्वास के लिए शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण और मनोवैज्ञानिक परामर्श जैसी योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अपराधियों को समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने का अवसर मिलना चाहिए और यह तभी संभव होगा जब कारागार कर्मी अपनी जिम्मेदारी को सेवा और सुधार की भावना के साथ निभाएं।
इस प्रकार, लखनऊ में आयोजित दीक्षांत परेड न केवल एक औपचारिक कार्यक्रम रहा, बल्कि यह प्रदेश की कारागार प्रणाली के लिए एक नई दिशा और ऊर्जा का प्रतीक भी बनी।



