गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा लेकर लखनऊ पहुंचे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, सम्मेलन की अनुमति नहीं

गौरक्षा के समर्थन में निकाली जा रही गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा के तहत स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद लखनऊ पहुंचे, जहां उन्होंने गौ संरक्षण से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी मुहिम को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। इस दौरान प्रस्तावित ‘गौ गर्जन अक्षौहिणी संकल्प सम्मेलन’ के आयोजन के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी गई थी, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के कारण कार्यक्रम निर्धारित रूप में आयोजित नहीं हो सका। इसके बाद यह मामला राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गौ संरक्षण को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि उनकी यात्रा का उद्देश्य समाज में जागरूकता बढ़ाना और गोवंश संरक्षण के लिए व्यापक जनसमर्थन जुटाना है। उन्होंने समर्थकों से शांतिपूर्ण और कानून का पालन करते हुए अपने विचार रखने की अपील की।
वहीं, प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और अन्य प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए सम्मेलन की अनुमति नहीं दिए जाने की बात कही गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए निर्धारित नियमों और आवश्यक अनुमतियों का पालन अनिवार्य है। इस घटनाक्रम के बीच यात्रा से जुड़े समर्थकों और विभिन्न संगठनों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं, जबकि आगे की रणनीति को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके सहयोगी विचार-विमर्श कर रहे हैं।



