TET के खिलाफ शिक्षक महासंघ का आंदोलन

शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता को लेकर शिक्षक संगठनों और सरकार के बीच विवाद गहराता नजर आ रहा है। शिक्षक महासंघ ने TET को अनिवार्य बनाए जाने के निर्णय के विरोध में व्यापक आंदोलन की घोषणा की है। संगठन का कहना है कि लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों और शिक्षा मित्रों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसके चलते अब प्रदेशव्यापी जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।
महासंघ ने बताया कि जुलाई महीने से ‘जनप्रतिनिधि जवाब दो’ अभियान शुरू किया जाएगा। इस अभियान के तहत सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों से शिक्षकों के मुद्दों पर स्पष्ट रुख और जवाब मांगा जाएगा। संगठन का दावा है कि यह अभियान केवल विरोध तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शिक्षकों की मांगों और समस्याओं को जनता तक पहुंचाने का भी माध्यम बनेगा।
शिक्षक नेताओं का कहना है कि TET अनिवार्यता के कारण हजारों शिक्षकों के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। उनका मानना है कि वर्षों का शिक्षण अनुभव रखने वाले शिक्षकों के लिए अतिरिक्त पात्रता परीक्षा अनिवार्य करना उचित नहीं है। इसी मुद्दे को लेकर महासंघ प्रदेशभर में बैठकें, ज्ञापन और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित करेगा।
आंदोलन की रणनीति के तहत जिला और मंडल स्तर पर कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। जुलाई में शुरू होने वाला यह अभियान प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक राजनीति में महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।



