यूपी में रोजगार के नए द्वार खोलेंगे वस्त्रोद्योग और माटीकला क्षेत्र, सीएम योगी ने दिए निर्देश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने राज्य में रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए वस्त्रोद्योग तथा माटीकला क्षेत्र के विकास पर विशेष जोर देने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि इन पारंपरिक और श्रम-प्रधान क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की क्षमता है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वस्त्र उद्योग, हस्तशिल्प और माटीकला से जुड़े कारीगरों, उद्यमियों तथा स्वयं सहायता समूहों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक, विपणन सहायता और वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इससे स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता और बाजार तक पहुंच दोनों में सुधार हो सकेगा।
वस्त्रोद्योग क्षेत्र को प्रदेश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार माना जाता है। इस क्षेत्र में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) की बड़ी भूमिका है। वहीं माटीकला क्षेत्र से जुड़े हजारों पारंपरिक कारीगर अपनी आजीविका अर्जित करते हैं। सरकार का प्रयास है कि इन क्षेत्रों को आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप विकसित किया जाए।
बैठक में स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़ाव, डिजाइन नवाचार और निर्यात की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विशेष योजनाएं तैयार की जाएं।
सरकार का मानना है कि वस्त्रोद्योग और माटीकला जैसे क्षेत्रों को प्रोत्साहन मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, पारंपरिक कला एवं शिल्प को संरक्षण मिलेगा और प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इससे आत्मनिर्भरता और स्थानीय उद्यमिता को भी बढ़ावा मिलेगा।



